फूड डिलीवरी कंपनी Zomato के स्टॉक में लिस्टिंग के एक सप्ताह में ही लगभग 85 प्रतिशत की तेजी आ चुकी है। यह स्टॉक 50 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी के साथ लिस्ट हुआ था। हालांकि, इस शेयर के अब बहुत तेजी से बढ़ने की संभावना कम है क्योंकि लिस्टिंग के बाद इस स्टॉक को बाय रेटिंग देने वाली अधिकतर ब्रोकरेज फर्मों को अगले एक वर्ष में इसके 29 जुलाई के 141 रुपये के प्राइस से 17-20 प्रतिशत से अधिक बढ़ने की उम्मीद नहीं है।
Zomato का 9,375 करोड़ रुपये का पब्लिक ऑफर 14-16 जुलाई तक खुला था। इसे 38.25 गुणा सब्सक्रिप्शन मिला था। यह किसी बड़े IPO के लिए हाल के वर्षों में सबसे अधिक सब्सक्रिप्शन था।
इनवेस्टर्स को यह शिकायत हो सकती है कि जोमाटो का वैल्यूएशन इस सेगमेंट की ग्लोबल कंपनियों की तुलना में कुछ अधिक है लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि कंपनी के लिए ग्रोथ की काफी संभावना है और इस वजह से प्रीमियम को गलत नहीं कहा जा सकता।
ब्रोकरेज फर्म UBS ने इस सप्ताह जोमाटो की कवरेज बाय रेटिंग के साथ शुरू की है और इसके लिए 165 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। यह 29 जुलाई को इसके क्लोजिंग प्राइस से लगभग 17 प्रतिशत अधिक है।
एक अनुमान के अनुसार, देश में 2025 तक फूड सर्विसेज बिजनेस बढ़कर 110 अरब डॉलर का हो सकता है।
डोमेस्टिक ब्रोकरेज फर्म JM Financial ने भी जोमाटो की बाय रेटिंग के साथ कवरेज शुरू की है और इसके लिए 170 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है।