वित्त वर्ष 2017 की पहली तिमाही में बैंक ऑफ इंडिया को 741 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। वहीं वित्त वर्ष 2016 की चौथी तिमाही में बैंक ऑफ इंडिया को 3587 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। जबकि वित्त वर्ष 2016 की पहली तिमाही में बैंक ऑफ इंडिया को 130 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था।
वित्त वर्ष 2017 की पहली तिमाही में बैंक ऑफ इंडिया की ब्याज आय 4.7 फीसदी घटकर 2775 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है। वित्त वर्ष 2016 की पहली तिमाही में बैंक ऑफ इंडिया की ब्याज आय 2931 करोड़ रुपये रही थी।
तिमाही दर तिमाही आधार पर अप्रैल-जून तिमाही में बैंक ऑफ इंडिया का ग्रॉस एनपीए 13.07 फीसदी से बढ़कर 13.38 फीसदी रहा है। तिमाही आधार पर अप्रैल-जून तिमाही में बैंक ऑफ इंडिया का नेट एनपीए 7.79 फीसदी के मुकाबले 7.78 फीसदी रहा है।
रुपये में बैंक ऑफ इंडिया के एनपीए पर नजर डालें तो तिमाही आधार पर पहली तिमाही में ग्रॉस एनपीए 49,879 करोड़ रुपये से बढ़कर 51874 करोड़ रुपये रहा है। तिमाही आधार पर पहली तिमाही में बैंक ऑफ इंडिया का नेट एनपीए 27996 करोड़ रुपये से बढ़कर 28260 करोड़ रुपये रहा है।
तिमाही आधार पर पहली तिमाही में बैंक ऑफ इंडिया की प्रोविजनिंग 5470 करोड़ रुपये से घटकर 2770 करोड़ रुपये रही है, जबकि पिछले साल की अप्रैल-जून तिमाही में बैंक ऑफ इंडिया की प्रोविजनिंग 1515 करोड़ रुपये रही थी।