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डायपर बनाने वाली कंपनी Nobel Hygiene में स्टेक सेल की तैयारी, बिजनेस की ग्रोथ के लिए पूंजी जुटाना मकसद

डिस्पोजेबल हाइजिन प्रोडक्ट्स बनाने वाली भारत की सबसे बड़ी कंपनी नोबेल हाइजिन में स्टेक सेल की तैयारी है। मामले से वाकिफ सूत्रों ने मनीकंट्रोल को यह जानकारी दी है। नोबल हाइजिन का ब्रांड 'फ्रेंड्स' एडल्ट डायपर सेगमेंट में मार्केट लीडर है। कंपनी 'टेडी' और 'स्नगी' ब्रांड के नाम से बच्चों के लिए डायपर बनाती है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 18, 2024 पर 3:54 PM
डायपर बनाने वाली कंपनी Nobel Hygiene में स्टेक सेल की तैयारी, बिजनेस की ग्रोथ के लिए पूंजी जुटाना मकसद
मुंबई की कंपनी नोबेल हाइजिन में क्वाड्रिया कैपिटल की तकरीबन 42 पर्सेंट हिस्सेदारी है।

डिस्पोजेबल हाइजिन प्रोडक्ट्स बनाने वाली भारत की सबसे बड़ी कंपनी नोबल हाइजिन में स्टेक सेल की तैयारी है। मामले से वाकिफ सूत्रों ने मनीकंट्रोल (Moneycontrol) को यह जानकारी दी है। नोबेल हाइजिन (Nobel Hygiene) का ब्रांड 'फ्रेंड्स' (Friends) एडल्ट डायपर सेगमेंट में मार्केट लीडर है। कंपनी 'टेडी' (Teddy) और 'स्नगी' (Snuggy) ब्रांड के नाम से बच्चों के लिए डायपर बनाती है। इसके अलावा, कंपनी महिलाओं के लिए 'रियो' (Rio) ब्रांड के नाम से सैनिटरी पैड्स भी बनाती है।

एक सूत्र ने मनीकंट्रोल को बताया, 'कंपनी एडल्ट डायपर सेगमेंट में मार्केट लीडर है, लेकिन अब बिजनेस की ग्रोथ के लिए उसे पूंजी की जरूरत है। साथ ही, मार्केटिंग पर खर्च के लिए भी कंपनी को अतिरिक्त पूंजी की जरूरत होगी। कंपनी ने सभी विकल्प खुले रखे हैं और माइनरिटी स्टेक सेल या कंट्रोलिंग स्टेक सेल के लिए स्ट्रैटेजिक इनवेस्टर या प्राइवेट इक्विटी फर्म की तलाश की जा रही है।'

मुंबई की कंपनी नोबेल हाइजिन (Nobel Hygiene) में क्वाड्रिया कैपिटल की तकरीबन 42 पर्सेंट हिस्सेदारी है, जबकि कंज्यूमर आधारित फंड सिक्स्थ सेंस वेंचर्स (Sixth Sense Ventures) का 15 पर्सेंट स्टेक है। बाकी हिस्सेदारी प्रमोटर फैमिली, प्रमोटर इकाइयों और एंजल इनवेस्टर्स के पास है।

एक दूसरे सूत्र ने मनीकंट्रोल को बताया कि प्रमुख ग्लोबल इनवेस्टमेंट बैंक गोल्डमैन सैक्स (Goldman Sachs) को इस डील के लिए नियुक्त किया गया है और वह जल्द ही इस प्रक्रिया की शुरुआत करेगा। उन्होंने कहा, 'डील के तहत शेयरों के प्राइमरी और सेकेंडरी इश्यू होंगे और इसके तहत बाहरी निवेशकों के पास अपना स्टेक कम करने या कंपनी से बाहर निकलने का भी विकल्प होगा।'

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