Snapdeal IPO: इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) लाने से पहले स्नैपडील (Snapdeal) ने अपनी 100 फीसदी मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी कंपनी यूनिकॉमर्स (Unicommerce) में 30 फीसदी हिस्सेदारी जापान की दिग्गज इनवेस्ट फर्म सॉफ्टबैंक (Softbank) को बेच दिया है। इस मामले से वाकिफ सूत्रों ने मनीकंट्रोल को यह जानकारी दी है।
यह डील कितने रूपये में हुई है, इसका तत्काल खुलासा नहीं हो पाया है। सॉफ्टबैंक से यह निवेश ऐसे समय में आया है, जब स्नैपडील 25 करोड़ डॉलर का आईपीओ लाने की तैयारी कर रही है। आईपीओ से जुड़े ड्राफ्ट पेपर तैयार होने के अंतिम चरण में है। सॉफ्टबैंक, स्नैपडील की भी प्रमुख निवेशक है और आईपीओ के बाद उसकी स्नैपडील में हिस्सेदारी 34 फीसदी से घटकर 24 फीसदी हो जाएगी।
स्नैपडील ने आईपीओ के लिए बैंक ऑफ अमेरिका, एक्सिस बैंक और जेएम फाइनेंशियल को एडवाइजर नियुक्त किया है।
यूनिकॉमर्स, स्नैपडील की सॉफ्टवेयर-एज-ए-सर्विस (SaaS) प्लेफॉर्म है, जो इनवेंट्री मैनेजमेंट, वेयरहाउस मैनेजमेंट, ऑटोमेशन और ऑर्डर मैनेजमेंट के लिए सॉफ्टवेयर मुहैया कराती है। भारत के अलावा यह कंपनी सिंगापुर, इंडोनेशिया, वियतनाम और फिलिपींस में भी सर्विस मुहैया कराती है।
ई-कॉमर्स की मांग बढ़ने के साथ, देश में इससे जुड़े सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन मुहैया कराने वाले प्रोवाइडर्स की मांग में भी जोरदार बढ़ोतरी हुई है। उदाहरण के लिए, कंसल्टेंसी फर्म Bain and Co. की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय SaaS स्टार्ट-अप ने 2021 में निवेशकों से रिकॉर्ड 4.5 बिलियन डॉलर जुटाए, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग तीन गुना अधिक है।
इसके अलावा इस अब तक छह SaaS कंपनियां यूनिकॉर्न में बदल चुकी हैं, यानी इनकी मार्केट वैल्यूएशन 1 अरब डॉलर के पार कर गई है।