इस बात में कोई शक नहीं है कि बिटकॉइन (Bitcoin) सबसे पुरानी और सबसे लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी (Crypto Currency)है। हालांकि लोकप्रियता के मामले में इसके बाद जो क्रिप्टोकरेंसी आती है, वो इथेरियम (Ethereum) है। बिटकॉइन और इथेरियम के तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर में काफी अंतर है और इसी अतंर की वजह से कइयों का मानना है कि Ethereum आने वाले समय में कीमत और मार्केट कैपिटलाइजेशन दोनों के मामले में बिटकॉइन को पीछे छोड़ सकती है।
20 अक्टूबर 2021 को Bitcoin का मार्केट कैपिटलाइजेशन 1.2 लाख करोड़ रुपये था। वहीं Ethereum का मार्केट कैप 455 अरब डॉलर था। एक्सपर्ट्स का मानना है कि सिर्फ Ethereum ही इकलौती करेंसी है, जिसके पास Bitcoin के मार्केट कैप से आगे निकलने की क्षमता है। आइए इसे विस्तार से समझते हैं:
LIC ने करोड़ों ग्राहकों को भेजा SMS, कहा पॉलिसी से लिंक करें PAN CARD
इथेरियम में क्या अलग है?
Ethereum को 2013 में बनाया गया था। यह एक ओपन सोर्स प्लेटफॉर्म है जो ब्लॉकचेन की तरह ही डिसेंट्रलाइज्ड एप्लिकेशन को बनाने और उसे लागू करने में मदद करता है।
Ethereum को इसलिए भी Bitcoin की तुलना में बेहतर माना जाता है क्योंकि इसका वास्तविक दुनिया में भी इस्तेमाल है, जो इसकी वैल्यू बढ़ाती है। Ethereum अपने बुनियादी ढांचे पर नए एप्लिकेशन को बनाने की सुविधा देता है। Bitcoin जहां सिर्फ एक डिजिटल करेंसी है, वहीं Ethereum एक ब्लॉकचेन आधारित नेटवर्क है जो उसी नाम से करेंसी को भी चलाता है।
इथेरियम करेंसी और ETH ब्लॉकचेन एक दूसरे के पूरक हैं और यह नेटवर्क पर ट्रांजैक्शन की लागत को कम करके करेंसी की ग्रोथ में मदद करती है। इस प्रक्रिया में, टोकन की कीमत बढ़ जाती है। आसान शब्दों में कहें तो इथेरियम अपने प्लेटफॉर्म के जरिए दुनिया भर में पेमेंट्स ट्रांजैक्शन को आसान और सरल बनाती है।
बिटकॉइन बनाम इथेरियम
एक साल पहले 20 अक्टूबर 2020 को बिटकॉइन की कीमत 11,913 डॉलर थी, जो 20 अप्रैल 2021 को बढ़कर 56,483 डॉलर और 20 अक्टूबर 2021 को यह बढ़कर 63,995 डॉलर हो गई है। इस तरह पिछले 6 महीनों में बिटकॉइन की कीमत में 374 प्रतिशत की उछाल आई है, जबकि पिछले एक साल में इसकी कीमत 437 प्रतिशत बढ़ी है।
YES Bank की स्थिति में शानदार सुधार, स्थिर होने में 2 साल और लगेंगे: SBI के पूर्व चेयरमैन रजनीश कुमार
वहीं दूसरी तरफ, इथेरियम की कीमत एक साल पहले 20 अक्टूबर 2020 को 368 डॉलर थी, जो 20 अप्रैल को बढ़कर 2,332 डॉलर पर पहुंच गई। वहीं अब यानी 20 अक्टूबर 2021 को इसकी कीमत 3,849 डॉलर प्रति कॉइन पर आ गया है। इस तरह पिछले छह महीनों में इसने जहां 533 पर्सेंट का रिटर्न दिया है, वहीं पिछले एक साल में इसकी कीमत 946 पर्सेंट बढ़ी है।
इस तरह, यह कहा जा सकता है निश्चित ही बिटकॉइन की कीमत दूसरी करेंसियों के मुकाबले बहुत आगे है और इसे सबसे पहली करेंसी होने का लगातार लाभ मिल रहा है। हालांकि आने वाले समय में परिस्थितियां बदल सकती हैं क्योंकि इथीयरियम नेटवर्क लगातार बढ़ रहा है, जिससे उसकी करेंसी भी मजबूत होती जा रही है।