Adani Transmission Q3 Results: अडानी ट्रांसमिशन का मुनाफा मौजूदा वित्त वर्ष की दिसंबर तिमाही में 78 फीसदी बढ़ा है। कंपनी ने सोमवार 6 जनवरी को दिसंबर तिमाही के नतीजे जारी किए। कंपनी ने बताया कि दिसंबर तिमाही में उसका शुद्ध मुनाफा 78 फीसदी बढ़कर 474.72 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में 267 करोड़ रुपये था। हालांकि इसके बावजूद कंपनी के शेयर आज भी लोअर सर्किट में रहे। अडानी ग्रुप की अगुआई वाली इस ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने बताया कि उसे एक नियामकीय आदेश के चलते 240 करोड़ रुपये की हुई एकमुश्त आय से इस तिमाही के दौरान मुनाफा बढ़ाने में मदद मिली। साथ ही कंपनी का कंसॉलिडेटेड कैश प्रॉफिट सालाना आधार पर 34 फीसदी बढ़कर 955 करोड़ रुपये रहा।
अडानी ट्रांसमिशन के शेयर सोमवार को लगातार तीसरे दिन 10 फीसदी की लोअर सर्किट सीमा को छूकर बंद हुए। पिछले 10 दिनों में कंपनी के शेयर करीब 54 फीसदी गिर चुके हैं। कंपनी के शेयरों में यह गिरावट खासतौर से अमेरिकी शॉर्ट-सेलर फर्म हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट के बाद आई है, जिसमें अडानी ग्रुप में शेयरों में हेरफेर करने और अकाउंटिंग फ्रॉड का आरोप लगाया गया था।
इस बीच कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर दिसंबर तिमाही में 22 फीसदी बढ़कर 3,552 करोड़ रुपये रहा। कंपनी ने बताया कि दिसंबर तिमाही में नई ट्रांसमिशन लाइन के चालू होने और उर्जा की मांग में सकारात्मक ट्रेंड के चलते उसे आमदनी बढ़ाने में मदद मिली।
कंपनी के ट्रांसमिशन बिजनेस का रेवेन्यू दिसंबर तिमाही में 13 फीसदी बढ़ा। वहीं डिस्ट्रीब्यूशन कारोबार की आमदनी में 17.1 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
अडानी ट्रांसमिशन ने आगे बताया कि दिसंबर तिमाही के दौरान उसका ऑपरेटिंग प्रॉफिट (EBITDA) दोनों सेगमेंट (ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन) में दोहरे अंक (क्रमश: 12.7 फीसदी और 13.3 फीसदी) में बढ़ा है।
कंपनी ने कहा, "कंपनी ने कहा, 'हाल के समय में कोयले की कीमतों में बढ़ोतरी और बिजली की खरीद लागत में बढ़ोतरी का असर मासिक बिलिंग में फ्यूल एडजस्टमेंट चार्जेज' (FAC) की वसूली से आंशिक रूप से कम हो गया है।" दिसंबर तिमाही के लिए खरीदी गई बिजली की लागत एक प्रतिशत बढ़कर 829.66 करोड़ रुपये और फ्यूल की लागत 22.5 प्रतिशत बढ़कर 353.11 करोड़ रुपये हो गई।