बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) ने 31 मार्च 2022 को खत्म हुए वित्त वर्ष 2021-22 और इस वित्त वर्ष के चौथी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। पूरे वित्त वर्ष 2021-22 में सालाना आधार पर कंपनी के मुनाफे में 9 गुने का उछाल देखने को मिला है। बता दें कि बैंक को पिछले वित्त वर्ष (2020-21) में 829 करोड़ रुपए का कर बाद मुनाफा हुआ था। लेकिन वित्त वर्ष 2021-22 में बैंक को 7,272 करोड़ रुपए का कर बाद मुनाफा हुआ है।
31 मार्च 2022 को खत्म हुए वित्त वर्ष 2021-22 में बैंक की ब्याज आय 13 फीसदी बढ़कर 32,621 करोड़ रुपए पर रही है। ये वित्त वर्ष 2020-21 में 28,809
31 मार्च 2022 को खत्म हुई चौथी तिमाही की बात करें तो इस अवधि में बैंक घाटे से मुनाफे में आया है। वित्त वर्ष 2021-22 चौथी तिमाही में बैंक को 1,778.8 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ था। जबकि पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में बैंक को 1,046.5 करोड़ रुपए का घाटा हुआ था। चौथी तिमाही में बैंक की ब्याज आय सालाना आधार पर 7106.6 करोड़ रुपए से बढ़कर 8511.6 करोड़ रुपए पर आ गई है।
असेट क्वालिटी की बात करें तो तिमाही दर तिमाही आधार पर चौथी तिमाही में बैंक ऑफ बड़ौदा की ग्रॉस NPA 7.25 फीसदी से घटकर 6.61 फीसदी पर रही है। जबकि नेट NPA 2.25 फीसदी से घटकर 1.72 फीसदी पर रही है।
बैंक ऑफ बड़ौदा के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2021-22 के लिए 1.20 रुपए प्रति शेयर लाभांश की सिफारिश की है। एनएसई पर आज ये शेयर 1.05 पैसे गिरकर 95 रुपए पर बंद हुआ है। पिछले 1 साल में इस शेयर में 23 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है। लेकिन पिछले 1 हफ्ते के दौरान ये 20.5 फीसदी टूटा है।