Hindustan Zinc Q4 Result: शुद्ध मुनाफा 12% घटकर 2,583 करोड़ रुपए, लेकिन अनुमान से रहा बेहतर

Vedanta Group की कंपनी Hindustan Zinc ने शुक्रवार को अपने नतीजे जारी किये। जिसके मुताबिक 31 मार्च, 2023 को समाप्त चौथी तिमाही के लिए कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 12 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,583 करोड़ रुपये रहा। जबकि पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 2,928 करोड़ रुपये रहा था

अपडेटेड Apr 22, 2023 पर 11:17 AM
Hindustan Zinc के सीईओ अरुण मिश्रा ने कहा कि हिंदुस्तान जिंक अब विश्व स्तर पर पांचवां सबसे बड़ा चांदी उत्पादक बन गया है
     
     
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    वेदांता समूह (Vedanta Group) की फर्म हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड (Hindustan Zinc Ltd (HZL) ने शुक्रवार को 31 मार्च, 2023 को समाप्त चौथी तिमाही के लिए कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफे में 12 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,583 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी ने 2,928 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा कमाया था। CNBC-TV18 पोल ने चौथी तिमाही के लिए 2,465 करोड़ रुपये के मुनाफे का अनुमान लगाया था। मार्च तिमाही में आय 3.3 प्रतिशत घटकर 8,509 करोड़ रुपये रही जो पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में 8,797 करोड़ रुपये रही थी।

    ऑपरेटिंग लेवल पर EBITDA इस वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में 14.2 प्रतिशत घटकर 4,255 करोड़ रुपये रह गया। जो पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में 4,962 करोड़ रुपये रहा था। पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में EBITDA मार्जिन 56.4 प्रतिशत रहने की तुलना में इस बार चौथी तिमाही में EBITDA मार्जिन 50 प्रतिशत रहा।

    पूरे वर्ष के लिए Hindustan Zinc Ltd (HZL) का शुद्ध मुनाफा 10,511 करोड़ रुपये रहा। जो सालाना आधार पर 9.2 प्रतिशत अधिक रहा। EBITDA कर में वृद्धि के कारण आंशिक रूप से ऑफसेट हुआ। ऑपरेशंस से रेवन्यू 34,098 करोड़ रुपये रहा। जिसमें सालाना आधार पर 15.8 प्रतिशत की वृद्धि देखने को मिली।


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    पूरे वर्ष के लिए EBITDA 17,590 करोड़ रुपये रहा। जो साल-दर-साल 8.0 प्रतिशत अधिक रहा। वहीं तिमाही आधार पर जस्ता, सीसा और चांदी की कीमतों में वृद्धि के साथ धातु और चांदी की मात्रा में सुधार के कारण रेवन्यू में 8.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई। बेहतर रेवन्यू और कम लागत के कारण मुख्य रूप से तिमाही EBITDA में सुधार हुआ।

    कंपनी के सीईओ अरुण मिश्रा ने कहा कि एक ऐतिहासिक उच्च वार्षिक परिचालन और वित्तीय प्रदर्शन दर्ज करने के साथ ही यह निश्चित रूप से हिंदुस्तान जिंक के लिए एक अहम वर्ष रहा। इस साल हमने 10 लाख टन धातु के मार्क को पार करने का उत्कृष्ट माइलस्टोन हासिल किया।

    उन्होंने आगे कहा, "मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि हिंदुस्तान जिंक अब विश्व स्तर पर पांचवें सबसे बड़े चांदी उत्पादक के स्थान पर पहुंच गया है। इसके अलावा, हम क्षमता विस्तार, सिनर्जेटिक ग्रोथ और वैल्यू इंटीग्रेशन की दिशा में निर्देशित अपनी रणनीतिक विकास परियोजनाओं पर अच्छी तरह आगे बढ़ रहे हैं।"

    डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना हेतु दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।)

     

     

     

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