Adani Ports Q1 Result: अदाणी ग्रुप की पोर्ट कंपनी अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकनॉमिक जोन (APSEZ) ने आज चालू वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही अप्रैल-जून 2026 के कारोबारी नतीजे पेश किए। देशी-विदेशी कारोबार के दम पर रेवेन्यू और ऑपरेटिंग प्रॉफिट की मजबूत ग्रोथ ने इसके मुनाफे को सपोर्ट किया और यह 10% उछल पड़ा। हालांकि शेयरों पर इसका खास पॉजिटिव असर नहीं दिखा। फिलहाल बीएसई पर यह 3.59% की गिरावट के साथ ₹1713.35 (Adani Ports Share Price) पर है।
Adani Ports Q1 Result: खास बातें
जून 2026 तिमाही में अदाणी पोर्ट्स का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर ₹3,311 करोड़ से 10% उछलकर ₹3,650 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान ऑपरेशंस से कंपनी का रेवेन्यू भी 19% बढ़कर ₹10,821 करोड़ पर पहुंच गया। ऑपरेटिंग लेवल पर भी कंपनी का परफॉरमेंस दमदार रहा। अदाणी पोर्ट्स का जून तिमाही में ईबीआईटीडीए ₹6,541 करोड़ रहा जोकि सालाना आधार पर 19% अधिक है लेकिन मार्जिन में इस दौरान हल्की सुधार दिखी और यह 60.2% से 60.4% पर पहुंच गया।
वैसे तो कंपनी का देश-विदेश में कारोबार तेजी से आगे बढ़ा लेकिन घरेलू पोर्ट बिजनेस अहम बना रहा। कंपनी के घरेलू पोर्ट्स बिजनेस से रेवेन्यू सालाना आधार पर 12% बढ़ा। इसे बेहतर कार्गो मिक्स, हाई रियलाइजेशंस और कॉर्गो वॉल्यूम में उछाल से सपोर्ट मिला। जून तिमाही में घरेलू बंदरगाहों ने 115.3 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) कार्गो संभाला। इसके घरेलू पोर्ट्स बिजनेस का ईबीआईटीडीए मार्जिन 74% रहा जिसे इंडस्ट्री में शानदार माना जाता है।
अदाणी पोर्ट्स का कहना है कि यह अब तक के सबसे बड़े पोर्ट कैपेसिटी एक्सपैंशन प्रोग्राम पर काम कर रही है। जून 2026 तक इसकी घरेलू पोर्ट क्षमता 653 MMT थी और कंपनी का लक्ष्य दिसंबर 2030 तक इसे बढ़ाकर 1,000 MMT करने का लक्ष्य है। जून तिमाही के दौरान पूरे भारत में कार्गो मार्केट में इसकी हिस्सेदारी 27.6% थी, जबकि कंटेनर कार्गो मार्केट में हिस्सेदारी 44.8% थी।
जून तिमाही में कंपनी के इंटरनेशनल पोर्ट्स बिजनेस का रेवेन्यू और ईबीआईटीडीए रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच गया। इस सेगमेंट से रेवेन्यू सालाना आधार पर 80% बढ़कर ₹1,747 करोड़ हो गया, जबकि ईबीआईटीडीए 256% उछलकर ₹730 करोड़ हो गया। इसे ऑस्ट्रेलिया और कोलंबो में शानदार परफॉरमेंस से सपोर्ट मिला। जून तिमाही में इसके इंटरनेशनल पोर्ट्स ने 22.8 MMT कार्गो संभाला, जबकि एक साल पहले की तिमाही में यह आंकड़ा 7.7 MMT था। इसमें ऑस्ट्रेलिया की हिस्सेदारी 10 MMT कार्गो, कोलंबो (श्रीलंका) की 6.9 MMT, तंजानिया की 3.7 MMT और इजराइल की 2.2 MMT रही। कोलंबो में ईबीआईटीडीए मार्जिन सालाना आधार पर 21.1% से बढ़कर 41.8% हो गया, तो कोलंबा में रेवेन्यू पांच गुना और तंजानिया में रेवेन्यू 36% बढ़ गया।
कंपनी के मरीन बिजनेस की बात करें तो इससे होने वाली कमाई सालाना आधार पर 67% बढ़कर ₹901 करोड़ हो गई। इसे फ्लीट में लगातार बढ़ोतरी और यूरोप में समुद्री ऑपरेशन्स से सपोर्ट मिला। अदाणी पोर्ट्स ने जिक्र किया कि उसने हाल ही में यूरोप में अपनी डीपवॉटर इंजीनियरिंग और ऑफशोर क्षमताओं को मजबूत करने के लिए ओशनियरिंग इंटरनेशनल के साथ साझेदारी की है और अर्जेंटीना से भारत को होने वाले पहले एलएनजी एक्सपोर्ट में मदद के लिए 10 साल का कॉन्ट्रैक्ट हासिल किया है।
जून तिमाही में कंपनी के लॉजिस्टिक्स बिजनेस का परफॉरमेंस मिला-जुला रहा। पश्चिमी एशिया में चल रहे संकट का असर रेल कंटेनर वॉल्यूम पर पड़ा, लेकिन कंपनी ने अपने एसेट-लाइट ऑपरेशन्स का विस्तार जारी रखा। ट्रकिंग से कंपनी को होने वाली कमाई सालाना आधार पर 26% बढ़ी, तो इंटरनेशनल फ्रेट नेटवर्क बिजनेस से होने वाली कमाई मार्च तिमाही के मुकाबले 28% बढ़ी।
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