सरकारी तेल कंपनी Hindustan Petroleum Corporation (HPCL) ने 3 नवंबर को 30 सितंबर 2022 को खत्म हुए वित्त वर्ष 2023 की दूसरी तिमाही के नतीजे घोषित कर दिए हैं। जिसके मुताबिक इस अवधि में कंपनी को 2172 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। बता दें कि इसी वित्त वर्ष की पिछली यानी जून तिमाही में कंपनी को 10197 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। जबकि पिछले वित्त वर्ष की सितंबर तिमाही में कंपनी को 1923 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था।
रेवेन्यू में तिमाही आधार पर 5.3 फीसदी की गिरावट
30 सितंबर 2022 को खत्म हुई दूसरी तिमाही में कंपनी के रेवेन्यू में तिमाही आधार पर 5.3 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है और यह जून तिमाही के 1.14 लाख करोड़ रुपये से घटकर 1.08 लाख करोड़ रुपये पर आ गई है। हालांकि पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही की तुलना में कंपनी के रेवेन्यू में 30 फीसदी की ग्रोथ देखने को मिली है।
बता दें कि JM Financial ने अपने प्रिव्यू नोट में कहा था कि हाई मार्केटिंग अंडर रिकवरी, रिफाइनिंग मार्जिन के सामान्य स्तर पर लौटने और भारी इंवेट्री लॉस के कारण ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को सितंबर तिमाही में लगातार तीसरी तिमाही में भारी घाटा हो सकता है।
अंडर रिकवरी की भरपाई के लिए 5617 करोड़ रुपये के मुआवजे को मंजूरी
HPCL ने बताया है कि भारत सरकार ने हाल ही में वित्त वर्ष 2021-22 में और वर्तमान पीरियड में हुई अंडर रिकवरी की भरपाई के लिए 5617 करोड़ रुपये के मुआवजे को मंजूरी दे दी है।
ग्रॉस रिफाइनिंग मार्जिन में बढ़त
अप्रैल-सितंबर 2022 तिमाही की अवधि में कंपनी की एवरेज ग्रॉस रिफाइनिंग मार्जिन 12.62 डॉलर प्रति बैरल रही है जो कि पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में 2.87 प्रति बैरल डॉलर रही थी। कंपनी ने यह भी बताया है कि इन आंकड़ो में सरकार द्वारा लगाई गई अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी शामिल नहीं है। एनएसई पर आज यह शेयर 1.82 फीसदी की गिरावट के साथ 210.75 रुपये पर बंद हुआ।