प्राइवेट सेक्टर के IDFC First Bank ने FY24 की पहली तिमाही के नतीजों की घोषणा कर दी है। अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 61.3 फीसदी बढ़ा है और यह 765 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। इस अवधि में ऑपरेशन से होने वाली कुल आय सालाना आधार पर 43.3 फीसदी बढ़कर 8282 करोड़ रुपये हो गई। इसके अलावा, जून तिमाही में कंपनी की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) सालाना आधार पर 36 फीसदी बढ़कर 3745 करोड़ रुपये हो गई। अर्जित ब्याज और खर्च किए गए ब्याज के बीच के अंतर को NII कहा जाता है।
जून तिमाही में प्रोविजन और कंटीजेंसी से पहले ऑपरेटिंग प्रॉफिट सालाना आधार पर 59 फीसदी बढ़कर 1,500 करोड़ रुपये हो गया। इस दौरान प्रोविजन और कंटीजेंसी खर्च 476 करोड़ रुपये है, जबकि एक साल पहले यह 308 करोड़ रुपये था। जून के अंत तक टोटल लोन के प्रतिशत के रूप में ग्रॉस NPA 2.17 फीसदी रहा, जबकि एक साल पहले यह 3.36% और एक तिमाही पहले 2.51% था। इस दौरान नेट NPA रेश्यो 0.70% रहा, जबकि एक साल पहले यह 1.30 फीसदी और एक तिमाही पहले 0.86 फीसदी था।
30 जून 2023 तक ग्राहकों की डिपॉजिट सालाना आधार पर 44 फीसदी बढ़कर 1.48 लाख करोड़ रुपये हो गई। CASA डिपॉजिट सालाना आधार पर 27 फीसदी बढ़कर 71,765 करोड़ रुपये हो गई।
नेट इंटरेस्ट मार्जिन 6.33 फीसदी
जून तिमाही में नेट इंटरेस्ट मार्जिन 6.33 फीसदी रहा, जबकि एक साल पहले यह 5.77 फीसदी और एक तिमाही पहले 6.41 फीसदी था। FY24 की पहली तिमाही में शुल्क और अन्य आय सालाना आधार पर 49 फीसदी बढ़कर 1341 करोड़ रुपये हो गई। तिमाही में रिटेल फीस ओवरऑल फीस का 91 फीसदी था। तिमाही में ऑपरेटिंग खर्च सालाना आधार पर 37% बढ़कर 3,659 करोड़ रुपये हो गया। यह मुख्य रूप से कर्मचारियों की वेतन वृद्धि, शाखा विस्तार और बिजनेस वॉल्यूम में वृद्धि के कारण बढ़ा है।