इंडिगो (Indigo) नाम से एयरलाइन चलाने वाली कंपनी इंटरग्लोब एविएशन (InterGlobe Aviation) ने बुधवार को 3 अगस्त को मौजूदा वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून 2022) के नतीजे जारी किए। कंपनी ने बताया कि जून तिमाही में उसका कंसॉलिडेटेड शुद्ध घाटा करीब दो तिहाई घटकर 1,064 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में 3,174.2 करोड़ रुपये था।
इंडिगो का कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू जून तिमाही में सालाना आधार पर 327 फीसदी बढ़कर 12,855.3 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में 3,007 करोड़ रुपये रहा था। इंडिगो ने पिछली 10 तिमाहियों में से 9 में घाटा दर्ज किया है। इससे पहले मार्च तिमाही में कंपनी ने 1,681.8 करोड़ रुपये के कंसॉलिडेटेड नेट लॉस की जानकारी दी थी।
जून तिमाही में घाटे के पीछे एक अहम वजह कंपनी के कुल खर्च में बढ़ोतरी रही। जून तिमाही में इंटरग्लोबल एविएशन का कुल खर्च सालाना आधार पर 122 फीसदी बढ़कर 14,083 करोड़ रुपये रहा। खर्च में बढ़ोतरी के पीछे एक अहम वजह जेट फ्यूल में तेजी रही।
इंडिगो का कंसॉलिडेटेड ऑपरेटिग प्रॉफिट जून तिमाही में घटकर 716.9 करोड़ रुपये पर आ गया, जो एक साल पहले की इसी तिमाही में 1,360.2 करोड़ रुपये था।
जून तिमाही के अंत में इंडिगो का कुल कर्ज 24 फीसदी बढ़कर 39,278 करोड़ रुपये रहा। वहीं एयरलाइन के पास मौजूद कुल कैश 12 फीसदी बढ़कर 19,069 करोड़ रुपये रहा। जून तिमाही के अंत में एयरलाइन के बेड़े में कुल 281 एयरक्राफ्ट थे, जो पिछली तिमाही के अंत में 275 था।
इस बीच इंटरग्लोब एविएशन के शेयर बुधवार को NSE पर 1.15 फीसदी चढ़कर 1,967.00 रुपये पर बंद हुए। पिछले एक महीने में कंपनी के शेयरों में करीब 19.30 फीसदी की तेजी आई है। हालांकि साल 2022 की शुरुआत से अब तक इंडिगो के शेयरों में करीब -2.33 फीसदी की गिरावट आई है।