TCS Q3 Preview: आज आएंगे देश की सबसे बड़ी IT कंपनी TCS के नतीजे, मंदी के बारे में मिलेंगे जरूरी संकेत

TCS Q3 Preview: देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी TCS दिसंबर 2022 तिमाही के नतीजों का अगले हफ्ते सोमवार को ऐलान करेगी। आमतौर पर पर दिसंबर तिमाही छुट्टियों और त्योहार होने के चलते कारोबार सुस्त रहा है जिसका असर नतीजे पर भी दिखता है। मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक अक्टूबर-दिसंबर 2022 में कंपनी का रेवेन्यू तिमाही आधार पर 2.9 फीसदी और नेट प्रॉफिट 7.8 फीसदी बढ़ सकता है

अपडेटेड Jan 09, 2023 पर 12:06 AM
टीसीएस जब दिसंबर 2022 तिमाही के नतीजे घोषित करेगी तो इसमें कंपनी को मिले सौदों पर नजर रहेगी।

TCS Q3 Preview: देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) दिसंबर 2022 तिमाही के नतीजों का ऐलान आज 9 जनवरी को करेगी। आमतौर पर पर दिसंबर तिमाही छुट्टियों और त्योहार होने के चलते कारोबार सुस्त रहा है जिसका असर नतीजे पर भी दिखता है। मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक अक्टूबर-दिसंबर 2022 में कंपनी का रेवेन्यू तिमाही आधार पर 2.9 फीसदी और नेट प्रॉफिट 7.8 फीसदी बढ़ सकता है। ब्रोकरेज फर्मों के अनुमान के मुताबिक दिसंबर तिमाही में टीसीएस का रेवेन्यू सालाना आधार पर 16.4 फीसदी अधिक यानी 56992 करोड़ रुपये रह सकता है और कंसालिडेटेड नेट प्रॉफिट 15.1 फीसदी बढ़कर 11247 करोड़ रुपये पर पहुंच सकता है।

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कांस्टैंट करेंसी टर्म में बाज करें तो तिमाही आधार पर अक्टूबर-दिसंबर 2022 में रेवेन्यू 1.9 फीसदी बढ़ सकता है जो सितंबर तिमाही में 4 फीसदी की ग्रोथ से काफी कम है। रुपये की कमजोरी और कामकाज में सुधार के चलते इसका ईबीआईटी बढ़ सकता है। निर्मल बंग इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के मुताबिक तिमाही आधार पर इसके मार्जिन में सुधार दिख सकता है। दिसंबर 2022 तिमाही में इसका ईबीआईटी 24.80 फीसदी रह सकता है।


रिजल्ट्स में इन चीजों पर रहेगी निगाहें

टीसीएस जब दिसंबर 2022 तिमाही के नतीजे घोषित करेगी तो इसमें कंपनी को मिले सौदों पर नजर रहेगी। इससे सुस्ती का अनुमान मिलेगा। कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के मुताबिक दिसंबर 2022 तिमाही में टोटल कांट्रैक्ट वैल्यू 900 करोड़ डॉलर से अधिक रह सकती है। इसे पिछली तिमाही में बीटी ग्रुप और ब्रिटिश सरकार के रेल डेटा मार्केटप्लेस से बड़े सौदे मिले थे। इसके अलावा रिजल्ट में इस पर भी नजर रहेगी कि कहां के क्लाइंट्स ने खर्च में गिरावट या बढ़ोतरी की। इसके अलावा खर्च में यह बदलाव कितना रहा, इस पर नजर रहेगी। मैनेजमेंट ने लॉन्ग टर्म में 26-28 फीसदी का मार्जिन बैंड को बरकरार रखा है और यह देखने लायक होगा कि इस बैंड को हासिल करने में किससे मदद मिली।

इस बार दिसंबर तिमाही में नया झटका

अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में काफी छुट्टियां रहती है और एंप्लॉयीज भी इस दौरान लंबी छुट्टियां लेते हैं। इसका असर कंपनी के कारोबार पर भी दिखता है। हालांकि विदेशी ब्रोकरेज फर्म नोमुरा के मुताबिक पिछले दो साल से तकनीक में एग्रेसिव क्लाइंट स्पेंडिंग और बड़ी डील के जरिए तीसरी तिमाही के कमजोर रुझान से निपटने में मदद मिल रही है। हालांकि इस बार अमेरिका और यूरोप में सुस्ती जैसी बड़ी चुनौतियों के चलते तीसरी तिमाही के कमजोर होने का रुझान फिर दिख रहा है।

इंवेस्टेक सिक्योरिटीज की रिपोर्ट के मुताबिक टीसीएस के मैनेजमेंट ने पहले ही यूरोप और यूके में प्रॉपर्टी एंड कैजुअल्टी इंश्योरेंस (P&C) इंश्योरेंस, मॉर्गेज, डिस्क्रेशनरी रिटेलर्स में चुनौतियों के संकेत दे दिए थे। इसके अलावा हर बार की तुलना में पिछली तिमाही अक्टूबर-दिसंबर 2022 में अधिक छुट्टियों की चुनौती जाहिर की थी।

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