JSW Steel Q2 results: सितंबर 2024 तिमाही में JSW स्टील का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट 85% की गिरावट के साथ 404 करोड़ रुपये रहा। सस्ते स्टील का इंपोर्ट बढ़ने से स्टील की घरेलू कीमतें 3 साल के निचले स्तर पर पहुंच गई हैं। इसी वजह से मुनाफे में तेज गिरावट देखने को मिली है। एक साल पहले की अवधि में कंपनी का कंसलॉडिटेड नेट प्रॉफिट 2,773 करोड़ रुपये रहा।
संबंधित अवधि में कंपनी का रेवेन्यू 11 पर्सेंट गिरकर 39,684 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जबकि पिछले साल की इसी अवधि में कंपनी का रेवेन्यू 44,584 करोड़ रुपये था। शेयर बाजार में 25 अक्टूबर को 2 बजकर 5 मिनट पर कंपनी का शेयर 1.8 पर्सेंट की गिरावट के साथ 941 रुपये पर बंद हुआ। ब्रोकरेज फर्म नोमुरा की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत की घरेलू एचआरसी स्टील की कीमतों में अप्रैल 2022 के पीक के बाद से 39 पर्सेंट का करेक्शन देखने को मिल चुका है।
हालांकि, स्टील की घरेलू मांग में मजबूती बनी हुई है। ऑटोमेटिव सेक्टर और कंस्ट्रक्शन सेक्टरों में बढ़ती खपत के कारण मांग कायम है। नोमुरा के एनालिस्ट्स का कहना है कि स्टील की कीमतों में गिरावट की वजह से प्रमुख स्टील कंपनियों के मार्जिन पर दबाव देखने को मिल सकता है। सितंबर तिमाही आम तौर पर स्टील कंपनियों के लिए कमजोर होती है, क्योंकि मॉनसून में कंस्ट्रक्शन गतिवधियां सुस्त पड़ जाती हैं। इस साल चीन से सस्ते स्टीस इंपोर्ट की वजह से घरेलू स्टील कंपनियों के लिए चुनौतियां काफी बढ़ गई हैं।
हालांकि, चीन द्वारा इकोनॉमी को बढ़ावा देने के लिए पेश किए गए हालिया राहत पैकेज की वजह से भारतीय कंपनियों को चाइनीज डिपिंग के मोर्चे पर राहत मिलने की उम्मीद है।