LIC Q1 Results: देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) ने आज 8 अगस्त को FY25 की पहली तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 9 फीसदी बढ़ा है। कंपनी ने इस अवधि में 10,544 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया है। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट 9,635 करोड़ रुपये था। इस बीच आज कंपनी के शेयरों में 0.16 फीसदी की तेजी देखी गई और यह स्टॉक BSE पर 1125.70 रुपये के भाव पर बंद हुआ है। कंपनी ने बाजार बंद होने के बाद नतीजे जारी किए हैं।
LIC की नेट प्रीमियम इनकम 16 फीसदी बढ़ी
बीमा कंपनी की नेट प्रीमियम इनकम Q1FY25 में 16 फीसदी बढ़कर 1.14 लाख करोड़ रुपये हो गई, जबकि Q1FY24 में यह 98755 करोड़ रुपये थी। जून तिमाही में LIC का सॉल्वेंसी रेश्यो 1.99 फीसदी रहा, जबकि पिछले वर्ष इसी तिमाही में यह 1.89 फीसदी था। तिमाही के दौरान एलआईसी की ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट क्वालिटी (GNPA) 1.95 फीसदी रही, जबकि पिछले वर्ष इसी तिमाही में यह 2.48 फीसदी थी।
न्यू बिजनेस प्रीमियम इनकम (इंडिविजुअल) 13.67 फीसदी बढ़कर 11,892 करोड़ रुपये हो गई। ओवरऑल एनुअल प्रीमियम इक्विवलेंट (APE) 21.28 फीसदी बढ़कर 11,560 करोड़ रुपये हो गया। इंडिविजुअल बिजनेस नॉन-पर APE 166 फीसदी बढ़कर 1,615 करोड़ रुपये हो गया।
ग्रुप बिजनेस APE 34 फीसदी बढ़कर 4,813 करोड़ रुपये हो गया। इंडिविजुअल बिजनेस में नॉन-पर एपीई शेयर वित्त वर्ष 25 की पहली तिमाही में 24 फीसदी रही, जबकि वित्त वर्ष 24 की पहली तिमाही में यह 10.22 फीसदी थी। नए बिजनेस का मूल्य (VNB) 24 फीसदी बढ़कर 1,610 करोड़ रुपये हो गया। VNB मार्जिन (नेट) 20 बेसिस प्वाइंट बढ़कर 14 फीसदी हो गया। 13वें महीने के लिए परसिस्टेंसी रेश्यो 75.10 फीसदी की तुलना में 72.35 फीसदी रहा। और 61वें महीने के लिए 59.25 फीसदी की तुलना में 58.41 फीसदी रहा।
बांग्लादेश में LIC का कामकाज शुरू
एक अन्य एक्सचेंज फाइलिंग में देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी LIC ने कहा कि बांग्लादेश में उसके ऑफिस ने आंशिक रूप से कामकाज फिर से शुरू कर दिया है, हालांकि देश में स्थिति अभी सामान्य नहीं हुई है। LIC ने एक्सचेंज फाइलिंग में कहा, "बांग्लादेश की एलआईसी लिमिटेड ने 08 अगस्त 2024 से आंशिक रूप से कामकाज फिर से शुरू कर दिया है। बांग्लादेश में स्थिति अभी भी सामान्य नहीं हुई है और ऑपरेशन में बाधा उत्पन्न हो सकती है। जब तक सामान्य स्थिति बहाल नहीं हो जाती, तब तक स्थिति के प्रभाव का पता नहीं लगाया जा सकता है।"