देश की सबसे बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी लर्सन एंड टुब्रो लिमिटेड (Larsen & Toubro Limited) का वित्त वर्ष 2022 की मार्च तिमाही में शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 10 फीसदी बढ़कर 3,621 करोड़ रुपये रहा। कंपनी का कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू भी मार्च तिमाही में सालाना आधार पर 10 फीसदी बढ़कर 52,851 करोड़ रुपये रहा।
CNBC-TV18 के एक पोल में एनालिस्ट्स ने कंपनी का मुनाफा 3,950 करोड़ रुपये और रेवेन्यू 53,100 करोड़ रुपये रहने का औसत अनुमान जताया था। ऐसे में कंपनी का मार्च तिमाही का नतीजा एनालिस्ट्स के अनुमान से कम रहा है।
Larsen & Toubro Limited (L&T) ने बताया कि मार्च तिमाही के दौरान उसने 73,941 करोड़ रुपये के ऑर्डर हासिल किए, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही से 46 फीसदी अधिक है। कंपनी के कुल ऑर्डर में 44 फीसदी योगदान विदेशी ऑर्डर का है।
L&T ने पूरे वित्त वर्ष 2022 के दौरान ग्रुप के स्तर पर 1.93 लाख करोड़ रुपये के ऑर्डर हासिल किए हैं, जो इसके पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले 10 फीसदी अधिक है। कंपनी ने कहा, "वित्त वर्ष 2022 में विदेशी मार्केट में अच्छे ऑर्डर मिले। खासतौर से खाड़ी देशों से, जहां कंपनी ने इस साल कई बड़े साइज के ऑर्डर हासिल किए हैं।"
L&T ने बताया कि इसके साथ ही उसका कंसॉलिडेटेड ऑर्डर बुक 3.57 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। इसमें 27 फीसदी योगदान इंटरनेशनल ऑर्डर का है।
कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट (EBITDA) मार्च तिमाही में 2.1 फीसदी घटकर 6,520.5 करोड़ रुपये रहा और कंपनी का ऑपरेटिंग मार्जिन 0.10 फीसदी बढ़कर 13.3 फीसदी रहा। CNBC-TV18 के पोल में एनालिस्ट ने कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट 8,669 करोड़ रुपये रहने का अनुमान जताया था।
L&T के बोर्ड ने 22 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड देने का ऐलान किया है। इस बीच L&T के शेयर गुरुवार को एनएसई पर 2.47 फीसदी की गिरावट के साथ 1,532.00 रुपये के भाव पर बंद हुए। पिछले एक महीने में कंपनी के शेयर करीब 13 फीसदी गिरे हैं। वहीं पिछले एक साल में इसने अपने निवेशकों को 8.23 फीसदी का रिटर्न दिया है।