महिंद्रा एंड महिंद्रा फाइनेंशियल सर्विसेज (Mahindra & Mahindra Financial Services) ने 28 जुलाई को अपने वित्त वर्ष 24 की पहली तिमाही के लिए नतीजे घोषित किये। कंपनी ने जून 2023 को समाप्त तिमाही के लिए 362.22 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा दर्ज किया। जो पिछले साल की समान तिमाही में दर्ज 239.86 करोड़ रुपये के मुनाफे से 51.01 प्रतिशत अधिक है। कंपनी ने एक एक्सचेंज फाइलिंग में कहा कि 30 जून, 2023 को समाप्त तिमाही के दौरान कुल आय 25 प्रतिशत बढ़कर 3,637 करोड़ रुपये हो गई। जबकि पिछले साल की इसी तिमाही के दौरान यह 2,914 करोड़ रुपये रही थी।
स्टैंडअलोन आधार पर, कंपनी का रेवन्यू 3,125 करोड़ रुपये रहा, जो सालाना 25 प्रतिशत अधिक रहा। शुद्ध मुनाफा 353 करोड़ रुपये रहा, जो सालाना 58 प्रतिशत अधिक रहा। कंपनी ने कहा कि तिमाही के लिए शुद्ध ब्याज मार्जिन 6.8 प्रतिशत रही। जबकि शुद्ध ब्याज आय (NII) 1,675 करोड़ रुपये रही थी। NII में पोर्टफोलियो मिश्रण में बदलाव और बढ़ी हुई ब्याज लागत से 7 प्रतिशत सालाना की वृद्धि हुई।
लोन बुक और डिस्बर्समेंट दिखा सुधार
कंपनी ने कहा कि वित्त वर्ष 2024 की पहली तिमाही के दौरान उसने ट्रैक्टर और महिंद्रा ऑटो वाहन सेगमेंट में अपनी लीडरशिप बरकरार रखी है। वाहन सेगमेंट में डिस्बर्समेंट ग्रोथ व्यापक आधार पर रही।
लीडरशिप कायम रखने पर कंपनी का फोकस
M&M Financial कंपनी ने कहा ने नतीजे जारी करते हुए कहा, "कंपनी पूर्व-स्वामित्व वाले वाहन सेगमेंट, SME, लीजिंग और पर्सनल लोन में तेजी से ग्रोथ के साथ-साथ मुख्य सेगमेंट में बाजार लीडरशिप बनाए रखने पर फोकस करेगी।"
तिमाही के दौरान कलेक्शन एफिसिएंशी 94 प्रतिशत रही, जो Q1FY23 में देखे गए स्तर के समान है। फर्म ने कहा कि डिजिटल भुगतान चैनलों के उपयोग और कानूनी मशीनरी के प्रभावी उपयोग सहित कलेक्शन पर फोकस करने से अच्छी एसेट क्वालिटी बरकरार रखने में मदद मिल रही है।
GNPA (ग्रॉस नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स) और ग्रॉस स्टेज-3 के बीच का अंतर अब रेंज-बाउंड है। ये जून के अंत में 1,144 करोड़ रुपये (मार्च के अंत में 1,184 करोड़ रुपये) रहा। कंपनी ने एक प्रेस रिलीज में कहा कि रीस्ट्रक्चर्ड पोर्टफोलियो अब मार्च 2023 के अंत तक 2,174 करोड़ रुपये से घटकर 1,860 करोड़ रुपये हो गया।