Paytm Q1 preview : रेवेन्यू में हो सकती है दोगुनी बढ़ोतरी, वित्त वर्ष 2024 के अंत तक मुनाफे में आने की संभावना

Goldman Sachs का मानना है कि पहली तिमाही में पेटीएम की रेवेन्यू 1690 करोड़ रुपये पर रह सकती है और इसकी एडजस्टेड एबिटा मार्जिन -19 फीसदी पर रहेगी

अपडेटेड Aug 03, 2022 पर 3:47 PM
Goldman Sachs का मानना है कि पहली तिमाही में पेटीएम की रेवेन्यू 1690 करोड़ रुपये पर रह सकती है और इसकी एडजस्टेड एबिटा मार्जिन -19 फीसदी पर रहेगी

Paytm Q1 preview : Paytm (One97 Communications) के नतीजे इसी हफ्ते आने वाले हैं। बाजार जानकारों का कहना है कि अप्रैल-जून 2022 तिमाही में कंपनी की आय सालाना आधार पर दोगुना हो सकती है। गौरलतब है कि पेटीएम के स्टॉक अभी हाल ही में इक्विटी मार्केट में लिस्ट हुए हैं। कंपनी अभी तक मुनाफे में नहीं आई है। एनालिस्ट का मानना है कि 30 जून 2022 को समाप्त तिमाही में कंपनी के प्रदर्शन में सुधार देखने को मिल सकता है और यह मुनाफे के रास्ते पर बढ़ती नजर आ सकती है।

एनालिस्ट का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2024 के अंत तक कंपनी एबिटडा में मुनाफा हासिल करती नजर आ सकती है। गौरतलब है कि लिस्टिंग के बाद से ही पेटीएम का स्टॉक प्राइस दलाल स्ट्रीट पर सुर्खियों में रहा है। वर्तमान में यह स्टॉक अपने आईपीओ प्राइस से 60 फीसद नीचे नजर आ रहा है और 756 रुपये के आसपास नजर आ रहा है।

Goldman Sachs ने पेटीएम के रिजल्ट प्रिव्यू नोट में कहा है कि 30 जून 2022 को समाप्त तिमाही में पेटीएम के आय में सालाना आधार पर लगातार तीसरी तिमाही में 90 फीसदी की ग्रोथ देखने को मिल सकती है। इस अवधि में कंपनी के फाइनेंशियल सर्विसेज के रेवेन्यू में सालाना आधार पर 305 फीसदी की ग्रोथ देखने को मिल सकती है।


इसी तरह इस अवधि में कंपनी के पेमेंट सर्विस की रेवेन्यू में सालाना आधार पर 74 फीसदी की ग्रोथ का अनुमान है।

इसी तरह Yes Securities का कहना है कि अप्रैल -जून 2022 तिमाही में पेटीएम की रेवेन्यू में दोगुना से ज्यादा की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। यस सिक्योरिटीज का मानना है कि तिमाही दर तिमाही आधार पर इस अवधि में कंपनी के ऑपरेशन से कंपनी के मिलने वाले रेवेन्यू में 17.5 फीसदी की बढ़त देखने को मिल सकती है। वहीं सालाना आधार पर इसमें 103.3 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

पेटीएम पेमेंट बैंक पर आरबीआई के बैन का असर

Goldman Sachs के एनालिस्ट का कहना है कि जून 2022 तक पेटीएम के मंथली ट्रांजैक्टिंग यूजरों की संख्या 7.6 करोड़ रही है। जो कि फरवरी 2022 में 7 करोड़ पर रही थी। इससे इस बात का संकेत मिलता है कि आरबीआई द्वारा पेटीएम पेमेंट बैंक पर मार्च में प्रतिबंध लगाए जाने का यूजर एक्यूजीशन पर बहुत मामूली अधिग्रहण पड़ा है। इससे निवेशकों की चिंता कुछ कम होगी।

यस सिक्योरिटीज और Goldman Sachs का अनुमान है कि पहली तिमाही में पेटीएम के लोन वितरण में अच्छी मजबूती देखने को मिलेगी। अप्रैल-जून तिमाही में पेटीएम के लोन वितरण में तिमाही आधार पर 56 फीसदी की ग्रोथ देखने को मिली है और यह इस अवधि में 56 करोड़ रुपये पर रही है।

Goldman Sachs का मानना है कि पहली तिमाही में पेटीएम की रेवेन्यू 1690 करोड़ रुपये पर रह सकती है और इसकी एडजस्टेड एबिटा मार्जिन -19 फीसदी पर रहेगी। जबकि एडजस्टेड एबिटा -320 करोड़ रुपये पर रह सकती है। इसी तरह यस सिक्योरिटीज का अनुमान है कि पहली तिमाही में पेटीएम की रेवेन्यू 1,810.6 करोड़ रुपये और एबिटडा -720.7 करोड़ रुपये पर रह सकती है। जबकि इस अवधि में कंपनी को 721.9 करोड़ रुपये का नेट लॉस हो सकता है।

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