पेटीएम (Paytm) ब्रांड नेम से कारोबार करने वाली कंपनी वन 97 कम्युनिकेशंस ने शुक्रवार 5 अगस्त को मौजूदा वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून 2022) के नतीजे जारी किए। कंपनी ने जून तिमााही में 645.4 करोड़ रुपये का कंसॉलिडेटेट लॉस दर्ज किया है, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में 382 करोड़ रुपये था।
कंपनी का कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू जून तिमाही में सालाना आधार पर 89 फीसदी बढ़कर 1,679.6 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में 891 करोड़ रुपये था। Paytm का EBITDA लॉस (एंप्लॉयी स्टॉक ऑप्शन को हटाकर) जून तिमाही में बढ़कर 275 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में 93 करोड़ रुपये था।
कंपनी ने बताया, "हमें विश्वास है कि रेवेन्यू में लगातार बढ़ोतरी, लोन डिस्ट्रीब्यूशन जैसे अधिक मार्जिन वाले कारोबार के बढ़ते मिश्रण और बेहतर ऑपरेटिंग लीवरेज साथ हम सितंबर 2023 तक ऑपरेटिंग प्राफिट (एंप्लॉयी स्टॉक ऑप्शन को हटाकर) में पहुंच जाएंगे।
ऑपरेटिंग मोर्च पर Paytm ने जुलाई में दिए एक बयान में कहा था कि उसका ग्रॉस मर्चेंडाइज वैल्यू (GMV) जून तिमाही में 2.96 लाख करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही के मुकाबले 101 फीसदी अधिक है।
लोन बिजनेस पर कंपनी ने बताया था कि जून तिमाही में उसने कुल 85 लाख लोन बांटे हैं, जो पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 492 फीसदी अधिक है। बांटे गए लोन की वैल्यू जून तिमाही में 5,554 करोड़ रुपये रही, जो पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 779 फीसदी अधिक है।
इस बीच पेटीएम के शेयर शुक्रवार को NSE पर 3.84 फीसदी गिरकर 778.00 रुपये पर पहुंच गया। पिछले एक महीने में पेटीएम के शेयरों में करीब 12.63 फीसदी की तेजी आई है। हालांकि साल 2022 की शुरुआत से अब तक कंपनी के शेयर करीब 41.93 फीसदी गिर चुके हैं।