PNB Housing Finance Q4 results: पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस ने आज 29 अप्रैल को FY24 की चौथी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। जनवरी-मार्च तिमाही में कंपनी के प्रॉफिट ऑफ्टर टैक्स (PAT) में 57 फीसदी का उछाल आया है और यह बढ़कर 444 करोड़ रुपये हो गया है। वहीं, पिछली तिमाही के मुकाबले कंपनी का मुनाफा 28.01 फीसदी बढ़ा है। बढ़ते नेट इंटरेस्ट मार्जिन और एसेट क्वालिटी में सुधार के कारण कंपनी के नेट प्रॉफिट में उछाल आया है। इस बीच कंपनी के शेयरों में आज करीब 2 फीसदी की तेजी देखी गई। यह स्टॉक BSE पर 800.90 रुपये के भाव पर बंद हुआ है। स्टॉक का 52-वीक हाई 913.95 रुपये और 52-वीक लो 441.55 रुपये है।
कैसे रहे PNB Housing Finance के तिमाही नतीजे
जनवरी मार्च तिमाही के दौरान पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस की इंटरेस्ट इनकम 1683.69 करोड़ रुपये रही, जबकि एक साल पहले की अवधि में यह 1,580.59 करोड़ रुपये थी। तिमाही के दौरान कंपनी की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) सालाना आधार पर 7 फीसदी बढ़कर 632 करोड़ रुपये हो गई। वहीं, तिमाही आधार पर NII में सिर्फ 6 फीसदी की वृद्धि हुई। FY23 के अंत तक कंपनी का NII 2,346 करोड़ रुपये था।
जनवरी-मार्च तिमाही में नेट इंटरेस्ट मार्जिन 3.65 फीसदी रहा, जबकि एक तिमाही पहले की अवधि में यह 3.49 फीसदी और एक साल पहले की अवधि में 3.74 फीसदी था। 31 मार्च को ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट 1.50 फीसदी रहा, जबकि एक साल पहले की अवधि में यह 3.83 फीसदी और एक तिमाही पहले की अवधि में 1.73 फीसदी था।
31 मार्च 2024 को रिटेल GNPA 1.45 फीसदी है, जबकि 31 मार्च 2023 को यह 2.57 फीसदी और 31 दिसंबर 2023 को 1.67 फीसदी था। कंपनी ने बताया कि कॉर्पोरेट GNPA 31 मार्च 2024 को 3.31 फीसदी है, जबकि 31 मार्च 2023 को 22.25 फीसदी और 31 दिसंबर 2023 को 3.35 फीसदी था। 31 मार्च 2024 को नेट एनपीए 0.95 फीसदी रहा। रिटेल सेगमेंट में NNPA 0.94 फीसदी और कॉर्पोरेट सेगमेंट में 1.11 फीसदी रहा।
PNB Housing Finance का डिसबर्समेंट
FY23-24 के दौरान डिसबर्समेंट सालाना आधार पर 17 फीसदी बढ़कर 17,583 करोड़ रुपये हो गया। Q4FY23-24 में यह सालाना आधार पर 24 फीसदी और तिमाही आधार पर 35 फीसदी की वृद्धि दर्ज करते हुए 5,574 करोड़ रुपये रहा। 31 मार्च 2024 तक लोन एसेट सालाना आधार पर 10 फीसदी और तिमाही आधार पर 5 फीसदी बढ़कर 65,358 करोड़ रुपये हो गया। 31 मार्च 2024 तक एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) सालाना 7 फीसदी और तिमाही आधार पर 4 फीसदी बढ़कर 71,243 करोड़ रुपये हो गया।