Reliance Jio Q4: टैरिफ में बढ़ोतरी के चलते मुनाफे में दिखा उछाल, यूजर बेस में गिरावट कायम

टैरिफ में हुई बढ़ोतरी के चलते जियो के प्रदर्शन में मजबूती आई है लेकिन सब्सक्राइबरों की संख्या में आई गिरावट एनालिस्ट के लिए चिंता का विषय है

अपडेटेड May 07, 2022 पर 1:48 PM
बेहतर सब्सक्राइबर मिक्स के चलते भी कंपनी के ARPU में मजबूती आती दिखी है। बताते चलें कि कंपनी के सब्सक्राइबर बेस में गिरावट जारी है

NISHA PODDAR

रिलायंस इंडस्ट्रीज की सब्सिडियरी रिलायंस जियो के वित्त वर्ष 2021-22 के चौथी तिमाही के नतीजे उम्मीद के मुताबिक ही रहे हैं। इस अवधि में कंपनी का नेट प्रॉफिट 4,173 करोड़ रुपये रहा है जो कि तीसरी तिमाही में 3,615 करोड़ रुपये पर रहा था। इसी तरह कंपनी की आय तीसरी तिमाही के 19,347 करोड़ रुपये से बढ़कर 20,901 करोड़ रुपये पर आ गई है।

मुनाफे के मोर्चे पर देखें तो इस टेलिकॉम दिग्गज ने 10,000 करोड रुपये के एबिटडा का लैंडमार्क पार कर लिया है जबकि कंपनी की एबिटडा मार्जिन 50 फीसदी के लेवल को पार कर गया है।


रिलायंस जियो का ARPU अनुमान से बेहतर रहा है। इसमें तिमाही दर तिमाही आधार पर 10.6 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है। चौथी तिमाही में कंपनी का ARPU 167.6 रुपये पर रहा है। बता दें कि कंपनी ने अपने टैरिफ में 20 फीसदी की बढ़ोतरी की है जिससे चौथी तिमाही में कंज्यूमर बेस में गिरावट के बावजूद मुनाफे में बढ़ोतरी देखने को मिली है।

इसके अलावा बेहतर सब्सक्राइबर मिक्स के चलते भी कंपनी के ARPU में मजबूती आती दिखी है। बताते चलें कि कंपनी के सब्सक्राइबर बेस में गिरावट जारी है। मार्च 2022 में समाप्त तिमाही में कंपनी का सब्सक्राइबर बेस 41.02 करोड़ पर रहा। जबकि इसी वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कंपनी का सब्सक्राइबर बेस 44.06 करोड़ पर रहा था।

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कंपनी के प्रबंधन का कहना है कि टैरिफ में बढ़ोतरी के बाद हुए सिमकार्ड कंसोलिडेशन के चलते सब्सक्राइबरों की संख्या घटी है। जियो ने इस बता पर भी जोर दिया है कि अब सिम कंसोलिडेशन थमता नजर आ रहा है क्योंकि उपभोक्ताओं ने टैरिफ में हुई बढ़ोतरी के असर को पचा लिया है।

टैरिफ में हुई बढ़ोतरी के चलते जियो के प्रदर्शन में मजबूती आई है लेकिन सब्सक्राइबरों की संख्या में आई गिरावट एनालिस्ट के लिए चिंता का विषय है। हालांकि कंपनी के मैनेजमेंट के पॉजिटिव कमेंट्री से एनालिस्ट की चिंता कुछ कम हुई है।

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