SBI Life Insurance Q1 Results: अप्रैल-जून तिमाही में एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस का नेट प्रॉफिट 45 पर्सेंट की बढ़ोतरी के साथ 381.04 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल की इसी तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट 263 करोड़ रुपये था। संबंधित अवधि में कंपनी की नेट प्रीमियम इनकम 13,104.09 करोड़ रुपये रही और इसमें पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 19 पर्सेंट की बढ़ोतरी हुई। पिछले साल जून तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट 11,036.02 करोड़ रुपये था।
ब्लूमबर्ग (Bloomberg) के अनुमानों के मुताबिक, जून तिमाही में कंपनी का मुनाफा 347.3 करोड़ रुपये रहने की संभावना जताई गई थी। साथ ही, इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू 19,067.7 करोड़ रुपये रहने की बात कही गई थी। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में 25 जुलाई को कंपनी का शेयर 1.3 पर्सेंट की गिरावट के साथ 1300.50 रुपये पर बंद हुआ।
तकरीबन एक महीना पहले सहारा इंडिया लाइफ इंश्योरेंस कंपनी (SILIC) के लाइफ इंश्योरेंस बिजनस को एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड (SBI Life) के हवाले किए जाने का फैसला किया गया था। इंश्योरेंस रेगुलेटर इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (IRDAI) ने इस काम के लिए एसबीआई लाइफ को चुना था। इसके तहत एसआईएलआईसी की करीब दो लाख पॉलिसीज की देनदारियों को एसबीआई लाइफ को तत्काल ट्रांसफर करने का फैसला किया गया।
सहारा इंडिया लाइफ इंश्योरेंस को 2004 में लाइफ इंश्योरेंस बिजनस के लिए रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट दिया गया था। लेकिन कंपनी में फाइनेंशियल प्रोप्राइटी और गवर्नेंस से जुड़ी कई समस्याओं के बाद इंश्योरेंस रेगुलेटर ने कंपनी के बिजनस को मैनेज करने के लिए 2017 में एक एडमिनिस्ट्रेटर नियुक्त किया था। एसबीआई लाइफ देश की बड़ी लाइफ इंश्योरेंस कंपनियों में से एक है।