Suzlon Q2 Results : सुजलॉन एनर्जी ने मौजूदा वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के नतीजों की घोषणा कर दी है। जुलाई-सितंबर तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट 81 फीसदी बढ़कर 102.29 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी ने 56.47 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया था। कंपनी को इस प्रदर्शन में लोवर फाइनेंस कॉस्ट से मदद मिली है। कंपनी ने आज गुरुवार को यह आंकड़े जारी किए हैं। इस बीच Suzlon Energy के शेयरों में आज अपर सर्किट लगा है और यह स्टॉक 32.85 रुपये के भाव पर बंद हुआ।
कंपनी ने शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया कि उसकी कुल आय सितंबर तिमाही में घटकर 1,428.69 करोड़ रुपये रही, जो बीते वित्त वर्ष की समान तिमाही में 1,442.58 करोड़ रुपये थी। कुल खर्च भी सितंबर तिमाही में घटकर 1,291.26 करोड़ रुपये हो गया, जो सितंबर 2022 की तिमाही में 1,427.84 करोड़ रुपये था। तिमाही के दौरान ₹34.99 करोड़ के एक्सेप्शनल लॉस के बावजूद कंपनी का मुनाफा बढ़ा है।
तिमाही के लिए ऑपरेटिंग प्रॉफिट या EBITDA पिछले साल के ₹169.7 करोड़ से 32.6 फीसदी बढ़कर ₹225 करोड़ हो गया, जबकि EBITDA मार्जिन पिछले साल के 11.9% से 400 आधार अंक बढ़कर 15.9% हो गया।
सुजलॉन ग्रुप के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) जे पी चलसानी ने कहा, ‘‘सितंबर 2023 तिमाही के अंत तक हमारे पास 1613 मेगावाट के अच्छे ऑर्डर है। हमारा सेवा कारोबार अच्छा चल रहा है।” कंपनी ने यह भी कहा कि क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) की सफलता के बाद अब उसके पास नेट डेट फ्री बैलेंस शीट है। इसके मैनेजमेंट ने कहा कि विंड टरबाइन के मौजूदा प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को ग्राहकों से शानदार प्रतिक्रिया मिल रही है।
सुजलॉन की मौजूदा ऑर्डर बुक 1,613 मेगावाट है। शेष वित्तीय वर्ष के लिए मैनेजमेंट का फोकस अपनी ऑर्डर बुक को एग्जीक्यूट करने और S144 - 3 मेगावाट से 3.15 मेगावाट सीरीज के कमर्शियलाइजेशन पर है।
सेबी ने भेजा कारण बताओ नोटिस
कंपनी को सुजलॉन और उसकी डोमेस्टिक सब्सिडियरी कंपनियों के बीच स्पेसिफिक ट्रांजेक्शन और 2013-14 से 2017-18 के बीच पहले वित्तीय वर्षों के संबंध में आकस्मिक देनदारी के खुलासे के संबंध में मार्केट रेगुलेटर सेबी से कारण बताओ नोटिस मिला था। हालांकि, सुजलॉन के मैनेजमेंट ने इन आरोपों का जवाब देते हुए इसका खंडन किया है।