टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (Tata Consumer Products ltd) ने बुधवार को वित्त वर्ष 2022 की मार्च तिमाही के नतीजे जारी किए। कंपनी ने बताया कि मार्च तिमाही में उसका मुनाफा करीब तीन गुना बढ़कर 239 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में 74.25 करोड़ रुपये थे। हालांकि तिमाही के आधार पर कंपनी के मुनाफे में 17.6 फीसदी की गिरावट आई है क्योंकि दिसंबर तिमाही में इसका मुनाफा 290 करोड़ रु पये रहा।
टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स का कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू मार्च तिमाही में सालाना आधार पर 4.5 फीसदी बढ़कर 3,175 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में 3,037 करोड़ रुपये था। इससे पहले दिसंबर तिमाही में कंपनी की आमदनी में 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई थी।
पूरे वित्त वर्ष 2022 के दौरान कंपनी का रेवेन्यू 7 फीसदी बढ़कर 12,425 करोड़ रुपये रहा, जो वित्त वर्ष 2021 में 11,602 करोड़ रुपये रहा था। कंपनी को वेवरेज बिजनेस, प्रीमियम टी और इंडिया फूड बिजनेस में अधिक सेल्स से वित्त वर्ष 2022 में अपनी आमदनी बढ़ाने में मदद मिली।
कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्ट सुनील डीसूजा ने बताया, "वित्त वर्ष के दौरान बाहरी और अंदरूनी तमाम तरह री चुनौतियों के बावजूद हमारे रेवेन्यू में अच्छी ग्रोथ दर्ज की गई है। साथ ही कंपनी के मुनाफे में भी ही सुधार हुआ है। इस दौरान चाय और नमक दोनों सेगमेंट में कंपनी का मार्केट शेयर बढ़ा है।"
टाटा कंज्यूमर ने वित्त वर्ष 2022 के लिए 6.05 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड देने का ऐलान किया है। टाटा कंज्यूमर के शेयर बुधवार को एनएसई पर 2.30 फीसदी की गिरावट के साथ 805.40 रुपये के स्तर पर बंद हुए। पिछले एक महीने में कंपनी के शेयरों की कीमत 0.15 फीसदी घटी है। हालांकि पिछले एक साल में इसने अपने निवेशकों को 24.09 फीसदी का रिटर्न दिया है।
बता दें कि टाटा ग्रुप ने हाल ही में अपनी कंपनी टाटा कॉफी लिमिटेड को टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड में विलय का ऐलान है। विलय की इस प्रक्रिया में करीब एक साल लगेंगे। टाटा कॉफी लिमिटेड के एक्जिक्यूटिव डायरेक्टर एवं सीएफओ के. वेंकटरमणन के मुताबिक, इस विलय को पूरा होने में 12 से 14 महीने लगेंगे। विलय के तहत टाटा कॉफी के मौजूदा शेयरहोल्डरों को 10 इक्विटी शेयरों के बदले टाटा कंज्यूमर के 3 इक्विटी शेयर मिलेंगे।