Tata Motors Q1: कार बनाने वाली दिग्गज कंपनी टाटा मोटर्स ने आज 1 अगस्त को FY25 की पहली तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी के कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में सालाना आधार पर 74 फीसदी का उछाल आया है। कंपनी ने इस अवधि में 5,566 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया है। रेगुलेटरी फाइलिंग के मुताबिक कंपनी ने पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में ₹3203 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया था। इस बीच आज कंपनी के शेयरों में 1.02 फीसदी की गिरावट देखी गई और यह स्टॉक BSE पर 1144.60 रुपये के भाव पर बंद हुआ है। कंपनी ने बाजार बंद होने के बाद नतीजे जारी किए हैं।
Tata Motors के रेवेन्यू में 6% का इजाफा
मुंबई स्थित ऑटो कंपनी टाटा मोटर्स का रेवेन्यू सालाना आधार पर 6% बढ़कर 1.08 लाख करोड़ रुपये हो गया, जबकि एक साल पहले इसी तिमाही में यह 1.02 लाख करोड़ रुपये था। ऑटो मेकर का कंसोलिडेटेड EBITDA सालाना आधार पर 19 फीसदी बढ़कर 15785 करोड़ रुपये हो गया, जबकि ऑपरेटिंग मार्जिन पिछले साल की समान अवधि के 12.9 फीसदी से बढ़कर 14.6 फीसदी हो गया।
जेएलआर ने एक बयान में कहा कि अप्रैल-जून के दौरान कंपनी का रेवेन्यू 5.4 फीसदी बढ़कर 7.3 अरब पाउंड हो गया, जबकि EBIT मार्जिन 8.9 फीसदी रहा, जो फेवरेबल वॉल्यूम, मिक्स और मटीरियल कॉस्ट में सुधार के कारण 30 बेसिस प्वाइंट की वृद्धि है।
डोमेस्टिक मार्केट में कमर्शियल व्हीकल का रेवेन्यू सालाना आधार पर 5.1 फीसदी बढ़कर 17,800 करोड़ रुपये हो गया, जबकि EBIT मार्जिन 240 बेसिस प्वाइंट सुधार के साथ 8.9 फीसदी हो गया। कंपनी ने कहा कि मार्जिन को बेहतर रियलाइजेशन और मटीरियल कॉस्ट सेविंग से लाभ हुआ।
अनुमान से बेहतर रहे नतीजे
टाटा मोटर्स ने जून तिमाही में बाजार के अनुमान से बेहतर नतीजे पेश किए हैं। छह ब्रोकरेज फर्मों ने मनीकंट्रोल पोल में टाटा मोटर्स के लिए वित्त वर्ष की पहली तिमाही में नेट प्रॉफिट 5,149 करोड़ रुपये और रेवेन्यू 1.09 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया गया था।
टाटा मोटर्स को उम्मीद है कि आगे ग्लोबल डिमांड में नरमी बनी रहेगी और इन्फ्रॉस्ट्रक्चर में लगातार निवेश, हेल्दी मानसून, फेवरेबल मैक्रो और फेस्टिव डिमांड के कारण शेष वर्ष के दौरान घरेलू मांग में धीरे-धीरे सुधार देखने को मिलेगा। कमोडिटीज के सीमित दायरे में रहने की संभावना है।
टाटा मोटर्स ने कहा कि कंपनी का दो अलग-अलग लिस्टेड एंटिटी में प्रस्तावित विभाजन 12 से 15 महीनों में पूरा होने की उम्मीद है। इसके अलावा, टाटा मोटर्स फाइनेंस का टाटा कैपिटल के साथ विलय भी चल रहा है और अगले 9 से 12 महीनों में पूरा होने की उम्मीद है।