टाटा स्टील ने शनिवार को मौजूदा वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून तिमाही) के नतीजे जारी किए। कंपनी ने बताया कि जून तिमाही में उसका कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर करीब 12.8 फीसदी घटकर 7,765 करोड़ रुपये पर आ गया, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में 8,907 करोड़ रुपये था। वहीं तिमाही आधार पर मुनाफे में करीब 21 फीसदी की गिरावट है क्योंकि जनवरी मार्च तिमाही में टाटा स्टील का मुनाफा 9,756 करोड़ रुपये रहा था।
टाटा स्टील ने बताया कि खर्च बढ़ने की वजह से उसका मुनाफा नीचे आया है। कंपनी का जून तिमाही में कुल कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू 18.6 फीसदी बढ़कर 63,698.15 करोड़ रुपये रही, जो एक साल पहली की समान तिमाही में 53,627.66 करोड़ रुपये थी। हालांकि तिमाही आधार पर इसमें 8.5 फीसदी की गिरावट आई है क्योंकि पिछली तिमाही में कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू 69,324 करोड़ रुपये रहा था।
टाटा स्टील ने बताया कि 'पेट कोक' की अधिक कीमतों के चलते उसके नतीजों पर असर पड़ा है। कंपनी ने कहा कि अधिक कीमतों के चलते उसकी ऑपरेटिंग लागत बढ़ी है, वहीं भारत सरकार की तरफ से लगाए एक्सपोर्ट ड्यूटी के चलते उसका निर्यात घटा और वॉल्यूम पर नकारात्मक असर पड़ा।
कंपनी का कुल खर्च जून तिमाही में बढ़कर 51,912.17 करोड़ रुपये हो गया, जो एक साल पहले की इसी तिमाही में यह 41,490.85 करोड़ रुपये था।
इस बीच टाटा स्टील के शेयर सोमवार को NSE पर 11.45 रुपये गिरकर 1,017.25 रुपये के स्तर पर बंद हुआ। स्टॉक की कीमत पिछले एक साल में करीब 26 फीसदी घटी है, जबकि पिछले एक महीने में करीब 11.5 फीसदी चढ़ा है।
टाटा स्टील, इस्पात का उत्पादन करने वाली देश की शीर्ष चार कंपनियों में से एक है और कंपनी की कुल घरेलू स्टील उत्पादन में करीब 18 प्रतिशत की हिस्सेदारी है।