आज यानी मंगलवार 3 मई को टाटा स्टील के वित्त वर्ष 2021-22 के चौथी तिमाही के नतीजे आने वाले हैं। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस अव्धि के कंपनी के नतीजे अच्छे रह सकते हैं। जानकारों का अनुमान है कि चौथी तिमाही में कंपनी के कंसोलीडेटेड रेवेन्यू में सालाना आधार पर 38 फीसदी की बढ़त हो सकती है और ये 68,737 करोड़ रुपए पर रह सकती है। कंपनी को भारतीय और यूरोपियन बाजार में रियलाइजेशन में हुए सुधार का फायदा मिलेगा।
बाजार का अनुमान है कि चौथी तिमाही में कंपनी के कंसोलीडेटेड नेट प्रॉफिट में भी सालाना आधार पर 44 फीसदी की बढ़त हो सकती है और ये 9,580 करोड़ रुपए पर रह सकता है। हालांकि जानकारों का ये भी कहना है कि तिमाही आधार पर कंपनी की आय और मुनाफे की चाल सपाट रह सकती है।
जानकारों की राय है कि ऑयरन ओर की कीमतों में बढ़त के चलते चौथी तिमाही में कंपनी की मार्जिन पर दबाव देखने को मिल सकता है। कंपनी के घरेलू कारोबार की मार्जिन में कोकिंग कोल की कीमतों में बढ़त के चलते गिरावट देखने को मिल सकती है। चौथी तिमाही में कंपनी की EBITDA margins पिछले साल की इसी अवधि के 28.4 फीसदी से गिर कर 22.5 फीसदी पर आ सकती है। बता दें कि इसी साल की तीसरी तिमाही में कंपनी की EBITDA margins 26.1 फीसदी पर रही थी।
कंपनी के आज आने वाले नतीजों में एनालिस्ट की नजर कंपनी के यूरोपियन कारोबार के मुनाफे और कैश फ्लो पर कंपनी के मैनेजमेंट की कमेंट्री पर लगी रहेगी। इसके अलावा कंपनी के ग्रोथ प्लान पर भी बाजार की नजरें रहेंगी।
Edelweiss Research का कहना है कि चौथी तिमाही में टाटा स्टील के घरेलू कारोबार के EBITDA पर कोकिंग कोल की कीमतों में आई तेजी का असर देखने को मिलेगा। कोकिंग केल की कीमतों में बढ़त से कंपनी के मुनाफे पर दबाव दिख सकता है। इसी तरह टाटा स्टील के यूरोपियन कारोबार के EBITDA पर ऑटर ओर की कीमतों में बढ़त का असर देखने को मिल सकता है।
बता दें कि सोमवार को Tata Steel का शेयर बीएसी पर 1.84 फीसदी की बढ़त के साथ 1295.10 के स्तर पर बंद हुआ था। वहीं, सेंसेक्स 0.15 की गिरावट के साथ 56,976 के स्तर पर बंद हुआ था।