Wipro Q2 Result : बेंगलुरु स्थित आईटी दिग्गज विप्रो के रेवेन्यू में लगातार तीसरी तिमाही में गिरावट देखने को मिली है। 30 सितंबर 2023 को खत्म हुई वित्त वर्ष 2024 की दूसरी तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 2.7 बिलियन डॉलर पर रहा है। तिमाही आधार पर इसमें 2.3 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। वहीं, कॉन्सटेंट करेंसी टर्म में इसमें 2 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। पिछली तिमाही में, विप्रो के रेवेन्यू में कॉन्सटेंट करेंसी टर्म में 2.8 फीसदी की गिरावट आई थी जो इस तिमाही के लिए कंपनी के गाइडें के निचले छोर पर रही थी।
बीएफएसआई सेक्टर में जारी कमजोरी ने दिखाया असर
Wipro के रेवेन्यू में गिरावट की मुख्य वजह बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और बीमा (बीएफएसआई) सेक्टर में जारी कमजोरी रही है। इसके साथ ही घटते गैर-जरूरी खर्च के दौर में कंसल्टिंग सर्विसेज में कंपनी की ज्यादा हिस्सेदारी भी रेवेन्यू में गिरावट की वजह रही है। आईटी सेक्टर में अब तक आए नतीजों में विप्रो के नतीजे सबसे कमजोर रहे हैं। कंपनी ने अगली तिमाही के लिए गाइडेंस जारी करते हुए कहा है कि तीसरी तिमाही में भी कंपनी के रेवेन्यू में गिरावट देखने को मिल सकती है। कंपनी ने अपने साथ 5 सब्सिडियरीज के मार्जर का भी एलान किया है।
IT सर्विसेज EBIT 3652 करोड़ रुपए से घटकर 3606 करोड़ रुपए पर रही
30 सितंबर को खत्म हुई तिमाही में विप्रो की IT सर्विसेज रेवेन्यू 22395.8 करोड़ रुपए पर रही है। वहीं, पिछली तिमाही में कंपनी की IT सर्विसेज रेवेन्यू 22755 करोड़ रुपए पर रही थी। तिमाही आधार पर दूसरी तिमाही में कंपनी की IT सर्विसेज EBIT 3652 करोड़ रुपए से घटकर 3606 करोड़ रुपए पर रही है। जबकि इसके 3642 करोड़ रुपए पर रहने का अंदाजा लगाया गया था। 30 सितंबर 2023 को खत्म हुई दूसरी तिमाही में कंपनी की IT सर्विसेज EBIT मार्जिन पिछली तिमाही के 16.05 फीसदी से घटकर 16.1 फीसदी पर रही है। जबकि इसके 16 फीसदी पर रहने का अनुमान किया गया था।
3.78 बिलियन डॉलर के नए ऑर्डर मिले
दूसरी तिमाही में कंपनी को 3.78 बिलियन डॉलर के नए ऑर्डर मिले हैं। वहीं, पिछली तिमाही के कंपनी के 3.72 बिलियन डॉलर के नए ऑर्डर मिले थे।