Wipro Q3 Preview: रेवेन्यू में 14% उछाल की उम्मीद, सपाट रह सकता है मुनाफा

ब्रोकरेज्स के बीच करवाए गए एक पोल से निकल कर आया है कि दिसंबर तिमाही में विप्रो का कंसोलीडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 14.7 फीसदी की बढ़त के साथ 23436 करोड़ रुपए रह सकता है

अपडेटेड Jan 13, 2023 पर 6:37 AM
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एनालिस्ट्स का अनुमान है कि तीमाही आधार पर दिसंबर तिमाही में विप्रो के रेवेन्यू में 3.5 फीसदी और मुनाफे में 11 फीसदी की बढ़त हो सकती है
     
     
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    आज 13 जनवरी को बाजार बंद होने के बाद आईटी दिग्गज विप्रो (Wipro) के 31 दिसंबर 2022 को खत्म हुई तिमाही के नतीजे आने वाले हैं। एनालिस्ट्स का अनुमान है कि दिसंबर तिमाही में कंपनी की रेवेन्यू में कॉन्सटेंट करेंसी टर्म में तिमाही आधार पर 1 फीसदी की बढ़त देखने को मिल सकती है। जो कंपनी के मैनेजमेंट के 0.5-2 फीसदी के गाइडेंस के अनुरूप ही होगी। अगर TCS, Infosys और HCL Tech की ग्रोथ से तुलना करें तो विप्रो के ग्रोथ अनुमान में खुश करने के लिए कुछ खास नहीं है। विप्रो का 1 फीसदी की रेवेन्यू ग्रोथ अनुमान टीसीएस के 2.2 फीसदी, इंफोसिस के 2.4 फीसदी और एचसीएल टेक के 4 फीसदी रेवेन्यू ग्रोथ से काफी कम है।

    कंपनी का कंसोलीडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर सपाट रह सकता है

    ब्रोकरेज्स के बीच करवाए गए एक पोल से निकल कर आया है कि दिसंबर तिमाही में विप्रो का कंसोलीडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 14.7 फीसदी की बढ़त के साथ 23436 करोड़ रुपए रह सकता है। वहीं, इस अवधि में कंपनी का कंसोलीडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर सपाट रह सकता है। दिसंबर तिमाही में कंपनी का कंसोलीडेटेड मुनाफा 2952 करोड़ रुपए रह सकता है। एनालिस्ट्स का अनुमान है कि तीमाही आधार पर दिसंबर तिमाही में विप्रो के रेवेन्यू में 3.5 फीसदी और मुनाफे में 11 फीसदी की बढ़त हो सकती है।


    विप्रो के दिसंबर तिमाही के नतीजों के कमजोर अनुमान पर टिप्पड़ी करते हुए Kotak Institutional Equities के एनालिस्ट्स का कहना है कि इस कमजोर अनुमान के लिए कमजोर कंसल्टिंग, हाई फरलो और यूरोप में मंदी जिम्मेदार हैं।

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    कंपनी के प्रदर्शन पर वेतन में बढ़त और हाई फरलो के कारण दबाव देखने को मिलेगा

    एनालिस्ट का कहना है कि दिसंबर तिमाही में कंपनी के ओवरऑल एबिट मार्जिन में रुपए में कमजोरी की वजह से तिमाही आधार पर 104 बेसिस प्वाइंट की बढ़त देखने को मिल सकती है। वहीं, कंपनी की आईटी सर्विसेज की एबिट मार्जिन 15.1 फीसदी के आसपास सपाट रह सकती है। कंपनी के प्रदर्शन पर वेतन में बढ़त और हाई फरलो के कारण दबाव देखने को मिलेगा।

    विप्रो का मध्यम अवधि का मार्जिन टारगेट 17-17.5 फीसदी का है। लेकिन निर्मल बंग इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज का मानना है कि इस लक्ष्य तक पहुंचने के लिए कंपनी को एक लंबा रास्ता तय करना होगा।

     

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