मार्च 2024 तिमाही में विप्रो (Wipro) का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 8% की गिरावट के साथ 2,835 करोड़ रुपये रहा। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में कंपनी का प्रॉफिट 3,074.5 करोड़ रुपये था। कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि संबंधित अवधि में कंपनी का रेवेन्यू घटकर 22,208.3 करोड़ रुपये हो गया, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में उसका कंसॉलिडेटेड रेवन्यू 23,190.3 करोड़ रुपये था।
एक्सपर्ट्स ने मार्च 2024 तिमाही में कंपनी का प्रॉफिट 2,748 करोड़ रुपये रहने का अनुमान जताया था। यह आकलन 13 ब्रोकरेज फर्मों के अनुमानों पर आधारित था। विप्रो ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि कंपनी के IT सर्विसेज सेगमेंट का रेवेन्यू तिमाही आधार पर 0.1 पर्सेंट बढ़कर 265.74 करोड़ डॉलर रहा। हालांकि, इसमें सालानाआधार पर 6.4 पर्सेंट की गिरावट रही। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में 19 अप्रैल को विप्रो का शेयर 1.74% की बढ़त के साथ 452.1 रुपये पर बंद हुआ।
कंपनी के नए CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर श्रीनिवास पल्लिया ने कहा कि वित्त वर्ष 2024 कंपनी के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हुआ है और मैक्रो-इकनॉमिक माहौल अनिश्चित बना हुआ है। उनका कहना था, 'हालांकि, मैं आने वाले समय में कंपनी को मिलने वाले अवसरों को लेकर काफी उत्साहित हूं।' पल्लिया का यह भी कहना था कि कंपनी अहम तकनीकी बदलाव की कगार पर खड़ी है। उन्होंने कहा, 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हमारे क्लाइंट्स की जरूरतों को बदल रहा है। हमारे क्लाइंट्स कॉम्पिटिशन में आगे निकलने और बेहतर बिजनेस वैल्यू के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल कर रहे हैं।'
पल्लिया ने कहा कि विप्रो इस मौके के लिए तैयार हो रही है। उन्होंने कहा, 'हमारे पास क्षमता और लीडरशिप के साथ-साथ दुनिया भर में मौजूद 2,30,000 कर्मियों की ताकत है, जिनकी मदद से हमें अपने लक्ष्यों को हासिल करने में मदद मिलेगी। हालांकि, हमारे पास काफी कम बचा है, लेकिन मुझे पूरा भरोसा है कि अपने सामूहिक प्रयास से हम अगले चैप्टर की ग्रोथ का रास्ता तैयार कर सकेंगे।'