फूड डिलीवरी कंपनी जौमैटो (Zomato) के घाटे में कमी आई है। कंपनी ने सोमवार 1 अगस्त को मौजूदा वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल जून 2022) के नतीजे जारी किए। जोमैटो ने बताया कि जून तिमाही में उसका शुद्ध घाटा (Net Loss) 186 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में 359 करोड़ रुपये था।
वहीं कंपनी का रेवेन्यू (Revenue) जून तिमाही में 67.44 फीसदी बढ़कर 1,413.9 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले की इसी तिमाही में 844.4 करोड़ रुपये था।
नतीजों के ऐलान के बाद Zomato के सीईओ दीपिंदर गोयल ने बताया, "पिछले कुछ महीनों में मुनाफे को लेकर हमारा फोकस और तेज हुआ है। इसके लिए हम अपने ग्रोथ से कोई समझौता नहीं कर रहे हैं। हम हर चीजों का बारकी से आकलन कर रहे हैं और लंबी अवधि की टिकाऊ ग्रोथ और मुनाफे को ध्यान में रखते हुए अपने संसाधनों को आवंटित कर रहे हैं।"
Zomato ने बताया कि औसत मासिक लेनदेन करने वाले ग्राहकों की संख्या में सालाना आधार (YoY) पर 36 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। वहीं इसी अवधि के दौरान औसत मासिक ऑर्डर के दोहराव में भी 10 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। कंपनी ने बताया कि जून 2022 के अंत में उसके पास 11,400 करोड़ रुपये का कैश बैलेंस था।
इस बीच जोमैटो के शेयर सोमवार को NSE पर 0.64 फीसदी लुढ़ककर 46.50 रुपये पर बंद हुए। पिछले एक महीने में जौमैटो के शेयरों में करीब 14.36% की गिरावट आई है। वहीं साल 2022 की शुरुआत से अब तक इसके शेयरों की कीमत करीब 67.10 फीसदी गिर चुकी है।