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कोरोनावायरस से चीन की फैक्ट्रीज ठप, भारत में मोबाइल प्रोडक्शन के लिए पार्ट्स नहीं

कंपनियों का कहना है कि अगर इस हफ्ते तक सप्लाई पटरी पर नहीं आई तो मोबाइल फोन का प्रोडक्शन बंद हो सकता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Feb 13, 2020 पर 4:41 PM
कोरोनावायरस से चीन की फैक्ट्रीज ठप, भारत में मोबाइल प्रोडक्शन के लिए पार्ट्स नहीं

Coronavirus। कोरोनावायरस की वजह से चीन के वुहान में लॉकडाउन है और अब इसका असर भारत की कंपनियों पर भी नजर आने लगा है। चीन के हुबेई इलाके में ऑटो पार्ट्स, मोबाइल पार्ट्स का प्रोडक्शन बड़े पैमाने पर होता है। वहीं से दुनिया भर की कंपनियों को पार्ट्स निर्यात होते हैं। इंडिया की मार्केट लीडर शाओमी (Xiaomi) को डर है कि प्रोडक्शन बंद होने से मोबाइल पार्ट्स की कीमतें बढ़ सकती हैं। इकोनॉमिट टाइम्स के मुताबिक, रिटेलर्स का मानना है कि एपल के iPhone 11 और 11 Pro मॉडल्स बाजार से गायब हो गए हैं।

कंपनियों को यह डर है कि हैंडसेट का लोकल प्रोडक्शन अगले हफ्ते से पूरी तरह ठप पड़ सकता है क्योंकि चीन से पार्ट्स की सप्लाई बंद हो चुकी है। एनालिस्ट्स को उम्मीद है कि जनवरी-मार्च 2020 के बीच स्मार्टफोन की बिक्री में 10-15 फीसदी की कमी आ सकती है। लेकिन इसका तगड़ा असर अप्रैल-जून 2020 के बीच नजर आएगा। साथ ही नई लॉन्चिंग में चार से पांच हफ्तों की देरी हो सकती है। 

इंडिया में सबसे ज्यादा मोबाइल फोन बेचने वाली कंपनी शाओमी (Xiaomi) के प्रवक्ता ने कहा, "चीन के लॉकडाउन का असर हमारे सप्लाई चेन पर होने लगा है। हम सप्लाई और रॉ मटीरियल्स  के लिए दूसरे विकल्प तलाश रहे हैं। इसका मौजूदा असर यह होगा कि कंपोनेंट्स के दाम बढ़ जाएंगे।"

आइडिया सेल्युलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (ICEA) के चेयरमैन पंकज महेंद्रू ने कहा कि इंडस्ट्री का स्टॉक खत्म हो रहा है। अगर इस हफ्ते के अंत तक हालात नहीं सुधरे तो हालात गंभीर हो जाएंगे।

इंडस्ट्री से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि बैटरी और कुछ कैमरा मॉड्यूल्स वियतनाम में बनते हैं। जबकि डिस्प्ले और कनेक्टर्स के ज्यादातर प्लांट चीन में हैं। ताइवान में चिप्स बनते हैं लेकिन फाइनल बिल्डअप के लिए इन्हें चीन भेजा जाता है। फीचर फोन की बिक्री को तगड़ा झटका लग सकता है क्योंकि इसका सबसे अहम पार्ट प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (PCB) चीन से आयात किया जाता है।

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