एविएशन रेगुलेटर DGCA (डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन) ने पिछले 18 दिनों में तकनीकी खराबी की आठ घटनाएं सामने आने के बाद बुधवार 6 जुलाई को स्पाइसजेट (SpiceJet) को कारण बताओ नोटिस जारी किया। DGCA ने कहा कि स्पाइसजेट 'एयरक्राफ्ट रूल्स 1937' के तहत एक सुरक्षित, कुशल और विश्वसनीय हवाई सेवा को सुनिश्चत करने में नाकाम रही है। रेगुलेटर ने स्पाइसजेट के जिम्मेदार मैनेजर को तीन सप्ताह के अंदर कारण बताने को कहा है कि आखिर उस पर कार्रवाई क्यों न की जाए।
नियामक ने पाया है कि स्पाइसजेट एक सुरक्षित, कुशल और विश्वसनीय हवाई सेवा स्थापित करने में विफल रही है। स्पाइसजेट के जवाबदेह प्रबंधक को तीन सप्ताह के भीतर कारण बताने के लिए कहा गया है कि कार्रवाई क्यों न की जाए।
डीजीसीए ने समीक्षा में पाया कि आंतरिक सुरक्षा की निरीक्षण में लापरवाही बरती गई है और मेंटीनेंस या रखरखाव को लेकर भी अपर्याप्त कार्रवाई की गई। यह भी पाया गया कि सप्लायर और वेंडर्स को नियमित आधार पर भुगतान नहीं किया जा रहा था। डीजीसीए की समीक्षा में कलपुर्जों की कमी पाई और एयरलाइन कैश एंड कैरी मॉडल पर काम कर रही थी।
पिछले 24 घंटे में स्पाइसजेट के तीन विमानों में तकनीकी खामी की घटना सामने आई है। वहीं पिछले 18 दिनों में ऐसे 8 मामले सामने आ चुके हैं।
बजट हवाई सफर मुहैया कराने वाली स्पाइसजेट का दिल्ली से दुबई जाने वाली एक फ्लाइट बीच रास्ते में तकनीकी खामी की शिकार हो गई और उसे पाकिस्तान के कराची में इमरजैंसी लैंडिंग करनी पड़ी। मंगलवार को ही शाम में स्पाइसजेटकी की कांडला-मुंबई फ्लाइट को प्राथमिकता के आधार पर मुंबई में लैंड कराना पड़ा क्योंकि बीच हवा में उसकी एक विंडशील्ड पर क्रैक आ गया था।
एयरलाइन ने यह भी बताया कि मंगलवार को कोलकाता से चीन जाने वाला उसका एक मालवाहक एयरक्राफ्ट कुछ दूर उड़ान भरने के वापस कोलकाता एयरपोर्ट पर आ गया क्योंकि पायलट को उड़ान भरने के बाद यह एहसास हुआ कि विमान में मौसम बताने वाला रडार काम नहीं कर रहा है।
इससे पहले 2 जुलाई को दिल्ली से जबलपुर जाने वाली स्पाइसजेट की एक फ्लाइट में किसी तकनीकी खामी के चलते केबिन के पास धुआं निकलते देखा गया था। बाद में प्रारंभिक जांच से पता चला कि विमान के इंजन से ऑयल लीक कर रहा था और संभावना है कि उसकी के चलते केबिन में धुआं बना था।