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Yes Bank और डिश टीवी में क्यों छिड़ी है जंग, जानिए इसके पीछे की पूरी कहानी

यस बैंक, डिश टीवी के MD और डायरेक्टर जवाहर लाल गोयल को हटाना चाहता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Sep 25, 2021 पर 8:08 AM
Yes Bank और डिश टीवी में क्यों छिड़ी है जंग, जानिए इसके पीछे की पूरी कहानी

डिश टीवी (Dish TV) की सबसे बड़ी शेयरहोल्डर यस बैंक (Yes Bank) ने एक्स्ट्रॉऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) बुलाने की मांग की है। यस बैंक के पास डिश टीवी की 25.63 पर्सेंट हिस्सेदारी है। यस बैंक EGM के जरिए डिश टीवी के MD और डायरेक्टर जवाहर लाल गोयल को हटाना चाहता है और उनकी जगह नए इंडिपेंडेट डायरेक्टर्स को नियुक्त करना चाहता है। आइए समझते हैं कि यह पूरा मामला है क्या?

कैसे शुरू हुआ यह विवाद?

मई 2020, में यस बैंक ने डिश टीवी के गिरवी रखे शेयरों को भुना लिया और वह इसकी सबसे बड़ी निवेशक बन गई। इसके बाद फरवरी 2021 में डिश टीवी ने 1,000 करोड़ के राइट इश्यू को जारी करने की मंजूरी दी। यस बैंक ने इस पर आपत्ति जताई और बोर्ड को नए सिरे से गठन करने की मांग की।

डिश टीवी ने दलील दिया कि बोर्ड के स्तर पर नियुक्ति के लिए सूचना एंव प्रसारण मंत्रालय से मंजूरी लेने की जरूरत पड़ती है।

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इससे पहले यस बैंक ने एस्सेल ग्रुप के प्रमोटरों को 3,000 करोड़ रुपये का लोन दिया था और प्रमोटर इस लोन पर डिफॉल्ट कर गए थे। सुभाष चंद्रा की अगुआई वाली जी ग्रुप के बचाव में तब डिश टीवी के मालिक जवाहर लाल गोयल सामने आए और उन्होंने डिश टीवी में अपने व्यक्तिगत होल्डिंग को बैंक के पास गिरवी रखा दिया । जवाहर गोयल, सुभाष चंद्रा के छोटे भाई हैं।

यस बैंक नए बोर्ड की मांग क्यों कर रहा है?

जाहिर है कि इसका एक कारण यह है कि यस बैंक राइट इश्यू को जारी करने के तरीके से खुश नहीं था। इससे पहले भी कई मुद्दों पर यस बैंक और डिश टीवी की राय नहीं मिली थी। यस बैंक का कहना है कि राइट इश्यू को डिश टीवी में उसके मेजॉरिटी शेयरहोल्डिंग को कम करने किए लाया जा रहा है।

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यस बैंक ने कंपनी को भेजे नोटिस में कहा, "कंपनी कॉरपोरेट गवर्नेंस के मानक का सही पालन नहीं कर रही है और यह अपने शेयरहोल्डरों (यस बैंक सहित दूसरे कई बैंक और वित्तीय संस्थान) का सही प्रतिनिधित्व नहीं कर रही है, जिनका कंपनी में करीब 45 पर्सेंट हिस्सेदारी है।"

बैंक ने कहा, "डिश टीवी जानबूझकर कुछ मॉइनॉरिटी शेयरहोल्डरों के इशारे पर काम कर रही है, जिनके पास कंपनी की महज 6 पर्सेंट हिस्सेदारी है।" यस बैंक ने कहा कि उसने डिश टीवी को अहम शेयरहोल्डरों से चर्चा के बिना राइट इश्यू को मंजूरी नहीं देने को कहा था। हालांकि बोर्ड ने इसे अनसुना कर दिया और 28 मई 2021 को 1,000 करोड़ के राइट इश्यू लाने की उसकी योजना की सार्वजनिक घोषणा कर दी।

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यस बैंक अब आगे क्या कदम उठा सकती हैं?
डिश टीवी ने 6 सितंबर को यस बैंक को भेजे एक जवाब में कहा कि डायरेक्टर स्तर पर बदलाव करने से पहले सूचना व प्रसारण मंत्रालय से मंजूरी लेनी होती है। ऐसे में बोर्ड से डायरेक्टरों को हटाना और उनकी नियुक्ति का प्रस्ताव AGM में पेश नहीं किया जा सकता है। डिश टीवी का AGM 27 सितंबर

यस बैंक ने इसके बाद डिश टीवी को कई नोटिस जारी कर आरोप लगाया कि वह डायरेक्टरों को हटाने और नए डायरेक्ट की नियुक्ति का प्रस्ताव पेश करने की जगह अब 27 सितंबर को AGM की बैठक ही टालने में लगी है।

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ऐसे में यस बैंक ने कंपनीज एक्ट के सेक्शन 100 के तहत डिश टीवी को नोटिस जारी EGM बुलाने की मांग की। कुछ रिपोर्टों के मुताबिक यस बैंक, नए डायरेक्टरों की नियुक्ति के मुद्दे पर कानूनी रास्ता अपनाने पर विचार कर रही है। साथ ही यस बैंक ने डिश टीवी के कुछ निवेशों को भी जानने की इच्छा जताई है क्योंकि उसका मानना है कि डिश टीवी ने इन निवेशों से जुड़े संतोषजनक खुलासे नहीं किए गए हैं।

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