Meta Platforms के एंप्लॉयीज के लिए यह हफ्ता अच्छा नहीं रहेगा। कंपनी इस हफ्ते छंटनी का बड़ा ऐलान कर सकती है। माना जा रहा है कि वह अपने हजारों एंप्लॉयीज को नौकरी से हटा सकती है। मामले से जुड़े लोगों ने यह जानकारी दी है। पिछले कुछ महीनों से कंपनी अपने एंप्लॉयीज की संख्या घटा रही है। यह दुनिया की सबसे बड़ी सोशल नेटवर्किंग कंपनी है। नवंबर में इसने अपने 13 फीसदी एंप्लॉयीज को नौकरी से हटा दिया था। सबसे बड़ी इस छंटनी में 11,000 एंप्लॉयीज की नौकरी चली गई थी। माना जा रहा है कि कंपनी खर्च घटाने के लिए ऐसा कर रही है।
मेटा अपने कुछ ऐसे डिपार्टमेंट्स को भी खत्म कर रही है, जो बिजनेस के लिए बहुत जरूरी नहीं हैं। Bloomberg ने फरवरी में इस बारे में खबर दी थी। उसने कहा था कि मेटा कुछ अहम फैसले लेने जा रही है, जिसका असर हजारों एंप्लॉयीज पर पड़ेगा। मामले से जुड़े लोगों ने बताया कि इस छंटनी में कंपनी के फाइनेंशियल टारगेट का भी हाथ है। एडवर्टाइजमेंट से होने वाली कंपनी की इनकम घटी है। कंपनी ने वर्चुअल रियल्टी प्लेटफॉर्म मेटावर्स पर अपना फोकस बढ़ाया है।
सूत्रों ने बताया कि कंपनी ने अपने डायरेक्टर्स और वाइस-प्रेसिडेंट्स से उन एंप्लॉयीज की लिस्ट मांगी थी, जिन्हें नौकरी से हटाया जा सकता है। सोमवार को मेटा एक एक प्रवक्ता ने इस बारे में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। सूत्रों का कहना है कि कंपनी के सीईओ मार्क जकरबर्ग अपने तीसरे बच्चे के जन्म पर पेरेंटल लीव पर जाने वाले हैं। इससे पहले छंटनी का प्लान पूरी तरह तैयार हो जाने की उम्मीद है।
पिछले साल नवंबर में हुई छंटनी से एंप्लॉयीज को हैरानी हुई थी। लेकिन, दूसरी छंटनी के बारे में एंप्लॉयीज ने अंदाज लगाना शुरू कर दिया था। जकरबर्ग ने 2023 को 'Year of efficiency' कहा है। कंपनी परफॉर्मेंस रिव्यू में अपने एंप्लॉयीज को इस बारे में बता रही है। परफॉर्मेंस रिव्यू प्रोसेस पिछले हफ्ते पूरा हो गया है। बताया जाता है कि छंटनी की चर्चा से मेटा के एंप्लॉयीज में निराशा का माहौल है। कुछ एंप्लॉयीज को अपने बोनस को लेकर भी चिंता सता रही है। सूत्रों ने बताया कि एंप्लॉयीज को डर है कि अगर बोनस से पहले ही उन्हें नौकरी से हटा दिया गया तो उन्हें बोनस से भी हाथ धोना पड़ सकता है। बोनस इसी महीने मिलने वाला है।