दिग्गज विमानन कंपनी इंडिगो की पेरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन लिमिटेड ने वरिष्ठ नीति निर्माता अमिताभ कांत को अपने बोर्ड में गैर-कार्यकारी निदेशक (Non-Executive Director) के रूप में नियुक्त करने की घोषणा की है। यह नियुक्ति नियामकीय और शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन है।
अमिताभ कांत 1980 बैच के केरल कैडर के पूर्व आईएएस अधिकारी हैं और 'मेक इन इंडिया', 'स्टार्टअप इंडिया' और 'इनक्रेडिबल इंडिया' जैसे कई प्रमुख राष्ट्रीय अभियानों के प्रमुख रणनीतिकार रहे हैं। हाल ही में उन्होंने भारत की G20 अध्यक्षता के दौरान शेरपा की भूमिका निभाई, जहां उन्होंने नई दिल्ली लीडर्स डिक्लेरेशन पर वैश्विक सहमति बनाने में अहम योगदान दिया।
इसके अलावा, कांत ने छह वर्षों तक नीति आयोग के सीईओ के तौर पर कार्य किया। उनके कार्यकाल में आकांक्षी जिलों कार्यक्रम (Aspirational Districts Programme) को प्रभावी ढंग से लागू किया गया, जिसे संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) ने भी सराहा। उन्होंने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया और भारत के राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग जैसे संस्थानों में भी नेतृत्वकारी भूमिका निभाई है।
नियुक्ति पर क्या बोले इंडिगो और कांत
इंडिगो बोर्ड के चेयरमैन विक्रम सिंह मेहता ने इस नियुक्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "अमिताभ कांत के पास प्रशासनिक दक्षता, नीति निर्धारण का अनुभव और वैश्विक दृष्टिकोण है। अंतरराष्ट्रीय विस्तार के इस महत्वपूर्ण दौर में उनका मार्गदर्शन इंडिगो के लिए बेहद उपयोगी रहेगा।"
अपनी नियुक्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए अमिताभ कांत ने कहा, "इंडिगो ने भारत में हवाई यात्रा को सहज और सुलभ बनाने में अग्रणी भूमिका निभाई है। मैं इसके अंतरराष्ट्रीय विस्तार और भारत को वैश्विक एयर कनेक्टिविटी हब बनाने के प्रयासों का हिस्सा बनने को लेकर उत्साहित हूं।"
देश की सबसे बड़ी एयरलाइन है इंडिगो
इंडिगो (IndiGo) भारत की सबसे बड़ी और कम लागत वाली एयरलाइन है, जो इंटरग्लोब एविएशन लिमिटेड द्वारा संचालित होती है। इसका मुख्य बिजनेस डोमेस्टिक और इंटरनेशनल पैसेंजर एयर ट्रैवल सेवाएं देना है।
यह एयरलाइन लो-कॉस्ट मॉडल पर काम करती है, जिसमें ऑन-टाइम परफॉर्मेंस, कम किराया और बिना अतिरिक्त सुविधाओं के कुशल संचालन पर फोकस होता है। इसके अलावा, इंडिगो कार्गो सर्विस, चार्टर फ्लाइट और कोडशेयर समझौतों के जरिए भी अपना रेवेन्यू बढ़ा रही है।