स्पंदना स्फूर्ति की फाउंडर पद्मजा रेड्डी ने राजश्री ट्रेकॉम को खरीदा, दोबारा शुरू करेंगी स्मॉल लोन बिजनेस

रेड्डी को इंडियन माइक्रोफाइनेंस सेक्टर का 20 साल से ज्यादा अनुभव है। उन्होंने स्पंदना स्फूर्ति की शुरुआत करने के बाद इसे देश की सबसे बड़ी माइक्रो फाइनेंस कंपनियों में से एक बना दिया था। उन्होंने नई एनबीएफसी शुरू करने का फैसला तक किया, जब उन्हें स्पंदना स्फूर्ति से इस्तीफा देने को मजबूर कर दिया गया

अपडेटेड Apr 25, 2022 पर 12:23 PM
कीतर्ना फिनसर्व ने रेड्डी को मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ बनाने के लिए आरबीआई की मंजूरी मागी है। रेड्डी ने कहा कि दो हफ्ते में आरबीआई का एप्रूवल मिल जाने की उम्मीद है।

स्पंदना स्फूर्ति फाइनेंशियल (Spandana Sphoorty) की फाउंडर और इसकी पूर्व प्रमुख पद्मजा रेड्डी (Padmaja Reddy) ने कोलकाता की राजश्री ट्रेकॉम प्राइवेट लिमिटेड (Rajshree Tracom) को खरीद लिया है। राजश्री ट्रेकॉम एक पुरानी नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी है। उन्होंने स्मॉल लोन के बिजनेस में लौटने के लिए ऐसा किया है।

इस एनबीएफसी का नाम कीतर्ना फिनसर्व होगा। यह गोल्ड लोन, एमएसएमई लोन और लोन एगेंस्ट प्रॉपर्टी पर फोकस करेगी। मनीकंट्रोल से एक्सक्लूसिव बातचीत में रेड्डी ने कहा कि उन्होंने स्मॉल लोन मार्केट में पैठ बनाने के लिए बड़ी योजना बनाई है।

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रेड्डी ने नई कंपनी में 210 करोड़ रुपये का व्यक्तिगत निवेश किया है। इस कंपनी की बैलेंसशीट 250 करोड़ रुपये की है। रेड्डी ने कहा कि कंपनी के बिजनेस में मुख्यत: गोल्ड लोन शामिल है। उन्होंने यह भी कहा कि इसके विस्तार की महत्वाकांक्षी योजना बनाई गई है।

रेड्डी ने कहा, "माइक्रोफाइनेंस में आपकी कड़ी मेहनत के बावजूद हर तीन साल में एक साइकिल आती है। अभी हमने बहुत ध्यान से इस मॉडल का चुनाव किया है ताकि हमें पीछे नहीं देखना पड़े। हमें बहुत टिकाऊ और बड़े आकार वाला बिजनेस खड़ा करना है।"

अभी कंपनी की कुल लोन बुक 250 करोड़ रुपये की है, जिसमें से 250 करोड़ रुपये गोल्ड लोन का है और बाकी एमएसएमई लोन का है। रेड्डी ने टोटल एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 2023 तक बढ़ाकर 2000 करोड़ और 2025 तक 4,000 करोड़ रुपये करने का प्लान बनाया है।

कीतर्ना फिनसर्व ने रेड्डी को मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ बनाने के लिए आरबीआई की मंजूरी मागी है। रेड्डी ने कहा कि दो हफ्ते में आरबीआई का एप्रूवल मिल जाने की उम्मीद है। नई कंपनी औसत 4 से 5 लाख रुपये का लोन देगी। यह 50,000 रुपये और इससे ज्यादा के गोल्ड लोन देगी। यह आंध्रप्रदेश और तेलंगाना के साथ बिजनेस की शुरुआत करेगी। बाद में दूसरे इलाकों में भी सेवाएं शुरू करेगी।

रेड्डी को इंडियन माइक्रोफाइनेंस सेक्टर का 20 साल से ज्यादा अनुभव है। उन्होंने स्पंदना स्फूर्ति की शुरुआत करने के बाद इसे देश की सबसे बड़ी माइक्रो फाइनेंस कंपनियों में से एक बना दिया था। उन्होंने नई एनबीएफसी शुरू करने का फैसला तक किया, जब उन्हें स्पंदना स्फूर्ति से इस्तीफा देने को मजबूर कर दिया गया। नवंबर की शुरुआत में उन्होंने यह कहते हुए कंपनी छोड़ दी थी कि वह अपनी इच्छा से कंपनी नहीं छोड़ रही हैं बल्कि बोर्ड ने उनका कॉन्ट्रैक्ट नहीं बढ़ाया।

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