सरकार ने भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) के निजीकरण की योजना को फिलहाल रोक दिया है। सरकार ने संभावित बोलीकर्ताओं को कहा है कि वह इस योजना में कुछ बदलाव करेगी और फिर दोबारा बाजार में आएगी। वेदांता रिसोर्सेज (Vedanta Resources) के चेयरमैन अनिल अग्रवाल (Anil Agarwal) ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
BPCL एक सरकारी कंपनी है और अभी सरकार के पास इसमें 53 प्रतिशत हिस्सेदारी है। केंद्र सरकार ने पहले वित्त वर्ष 2022 में अपनी पूरी 53 प्रतिशत हिस्सेदारी को निजी कंपनियों को बेचने की योजना बनाई थी। हालांकि बाद में इस योजना को वित्त वर्ष 2023 के लिए बढ़ा दिया गया था। BPCL की हिस्सेदारी खरीदने में दिलचस्पी दिखाने वालों में वेदांता ग्रुप, अपोलो ग्लोबल मैनेजमेंट और दिग्गज प्राइवेट इक्विटी फर्म I- स्क्वेयर्ड के निवेश वाली थिंक गैस शामिल हैं।
मनीकंट्रोल को दिए एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में अनिल अग्रवाल से जब BPCL के विनिवेश को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा, "यह नहीं होगा। उन्होंने (सरकार ने) कहा है कि वे विनिवेश ऑफर को वापस ले रहे हैं। वे एक नई रणनीति के साथ वापस आएंगे।" उन्होंने कहा, "उन्होंने बस एक बयान दिया है कि वह इस पर आगे नहीं बढ़ रहे है।"
BPCL के विनिवेश पर मिली जुली प्रतिक्रिया के चलते निवेशक और इंडस्ट्री असमंजस में थे कि इस पर आगे क्या किया जाए। मार्च महीने के अंत में वित्त राज्य मंत्री भगवत कराड़ ने राज्यसभा में दिए एक बयान में कहा था कि विनिवेश की प्रक्रिया दूसरे चरण में है और कई निवेशकों ने इसमें दिलचस्पी दिखाई है। वहीं इसी दौरान सीनियर सरकारी अधिकारियों के हवाले से मीडिया में कुछ रिपोर्टें आई थीं, जिसमें कहा गया था कि विनिवेश प्रक्रिया को धीमा कर दिया गया है।
सरकार ने अभी तक इस बारे में कोई आधिकारिक बयान नहीं जारी किया है कि विनिवेश प्रक्रिया को उसके मौजूदा रूप में रोक दिया गया है या नहीं।
अगर सरकार BPCL के विनिवेश के लिए नए ऑफर के साथ बाजार में वापस आती है तो क्या वेंदाता उसके लिए बोली लगाएगा? यह पूछे जाने पर अनिल अग्रवाल ने कहा, 'फिलहाल इस सवाल पर चर्चा करने का कोई मतलब नहीं है। जब वे नए ऑफर के साथ बाजार में आएंगे, तब देखा जाएगा।'
BPCL के विनिवेश योजना को लेकर निवेशकों ने वैसी दिलचस्पी नहीं दिखाई, जिसकी सरकार उम्मीद कर रही थी। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने फरवरी में कहा था कि सरकार "BPCL के विनिवेश में एयर इंडिया के विनिवेश की सफलता को दोहराने की उम्मीद करती है।"