सरकार ने एंप्लॉयीज की छुट्टियों से जुड़े नियमों के बारे में विस्तार से बताया है। उसने गुरुवार को 'FAQ' जारी किया। इसमें एंप्लॉयीज की छुट्टियों से जुड़े हर सवाल का जवाब दिया गया है। इससे छुट्टियों से जुड़े नियम और कानून के बारे में एंप्लॉयीज को किसी तरह का कनफ्यूजन नहीं रह जाएगा।
एफएक्यू ( frequently asked questions) में अलग-अलग कैटेगरी के एंप्लॉयीज के एनटलटाइलमेंट, लीव ट्रैवल कनसेशन के साथ लीव इनकैशमेंट, अर्न्ड लीव का इनकैशमेंट, स्टडी लीव, पैटरनिटी लीव जैसे मसलों से जुड़े सवालों के जवाब शामिल हैं।
इसमें कहा गया है कि किसी सरकारी कर्मचारी को लगातार 5 साल से ज्यादा समय के लिए छुट्टी लेने की इजाजत नहीं होगी। फॉरेन सर्विस को छोड़कर अगर दूसरे किसी सर्विस का एंप्लॉयी लगातार 5 साल से ज्यादा समय के लिए छुट्टी पर रहता है तो यह माना जाएगा कि उसने सरकारी सर्विस से इस्तीफा दे दिया है।
एफएक्यू में कहा गया है कि लीव इनकैशमेंट की मंजूरी एडवान्स में ली जानी चाहिए। इसकी मंजूरी एलटीसी की मंजूरी के साथ ही ली जानी चाहिए। कुछ अपवाद के मामलों में तय समय के अंदर बाद में भी मंजूरी ली जा सकती है।
सेंट्रल हेल्थ सर्विस (CHS) को छोड़ दूसरे सभी अधिकारियों के लिए स्टडी लीव की अधिकतम सीमा 24 महीने होगी। यह अधिकतम सीमा नौकरी की कुल अवधि के लिए होगी। एंप्लॉयी एक बार में 24 महीने का स्टडी लीव ले सकता है। सीजीएस के एंप्लॉयीज के लिए स्टडी लीव की अधिकतम सीमा 36 महीने होगी। पोस्ट ग्रेजुएट क्वालिफिकेशंस के लिए 36 महीने की स्टडी लीव ली जा सकती है।
एफएक्यू में कहा गया है कि चाइल्ड केयर लीव महिला एंप्लॉयीज को मिलती है। बच्चे की देखभाल से जुड़ी जरूरतें पूरी करने के लिए यह लीव दी जाती है। अगर बच्चा विदेश में पढ़ाई कर रहा है या सरकारी एंप्लॉयी को बच्चे की देखभाल के लिए विदेश जाने की जरूरत है तो वह कुछ शर्तें पूरी करने के साथ यह लीव ले सकती है।