एयर इंडिया के लिए बोली लगाने वालों को केयर्न के क्लेम से छूट देगी सरकार

केयर्न ने अपने क्लेम की राशि के लिए विदेश में एयर इंडिया के एसेट्स को जब्त करने की मांग की है

अपडेटेड Sep 02, 2021 पर 9:36 AM
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पिछले कई वर्षों से घाटे में चल रही एयर इंडिया के लिए बिडर्स को केयर्न एनर्जी की ओर से दायर किए गए मामले से किसी देनदारी से छूट मिलेगी। केयर्न ने केंद्र सरकार के साथ टैक्स विवाद में एयर इंडिया के एसेट्स पर क्लेम किया है। एयर इंडिया को बेचने के लिए सरकार पहले भी कोशिश कर चुकी है लेकिन उसे सफलता नहीं मिली।

वरिष्ठ अधिकारियों के एक समूह ने पिछले सप्ताह इस सरकारी एयरलाइन को बेचने के लिए फाइनल एग्रीमेंट तैयार किया है। इसे इस सप्ताह मंत्रियों के एक समूह की ओर से स्वीकृति दी जा सकती है।

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सरकार को एयर इंडिया के लिए 15 सितंबर तक फाइनेंशियल बिड्स मिलने की उम्मीद है। एयर इंडिया पर लगभग 60,000 करोड़ रुपये का कर्ज है और इसे प्रति दिन 20 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। इसकी भरपाई करने से सरकार की वित्तीय स्थिति पर भी दबाव बढ़ा है।

ऐसी रिपोर्ट है कि टाटा ग्रुप और बजट एयरलाइन स्पाइसजेट की ओर से एयर इंडिया के लिए बिड दी जा सकती हैं।

केयर्न को पिछले वर्ष विवादास्पद रेट्रोस्पेक्टिव टैक्स डिमांड को लेकर सरकार के खिलाफ आब्रिट्रेशन मामले में जीत मिली थी। इसमें केयर्न को 1.2 अरब डॉलर और इंटरेस्ट का भुगतान करने का आदेश दिया गया था। कंपनी ने इसके लिए विदेश में एयर इंडिया के एसेट्स को जब्त करने की मांग की थी। 

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