HCL Technologies : भारत की तीसरी बड़ी सॉफ्टवेयर एक्सपोर्टर एचसीएल टेक्नोलॉजिस ने वैश्विक स्तर पर अपने 350 कर्मचारियों की छंटनी की है। निकाले गए कर्मचारी उसकी क्लाइंट माइक्रोसॉफ्ट के न्यूज से संबंधित प्रोडक्ट्स पर काम कर रहे थे। इस घटनाक्रम से आईटी सेक्टर के लिए आगे मुश्किल हालात के संकेत मिल रहे हैं।
इस घटनाक्रम की जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया कि कर्मचारियों को पिछले हुई एक टाउन हॉल मीटिंग में इसके बारे में बताया गया था।
इन देशों में काम कर रहे हैं ये कर्मचारी
निकाले गए कर्मचारी ग्वाटेमाला, फिलीपींस और भारत सहित कुछ देशों में कार्यरत थे। इन कर्मचारियों का कंपनी में आखिरी दिन 30 सितंबर को होगा और उन्हें सेवरेंस पे की पेशकश की जाएगी। सेवरेंस पे कर्मचारियों को निकालते समय मिलने वाला वेतन होता है।
माइक्रोसॉफ्ट को काम को लेकर थी समस्या
छंटनी के शिकार एक कर्मचारी ने मनीकंट्रोल से बातचीत में कहा, “माइक्रोसॉफ्ट को काम की क्वालिटी को लेकर कुछ समस्या थी। हम भारत, यूरोप और अमेरिका जैसे देशों से इसके न्यूज प्लेटफॉर्म एमएसएम (news platform MSN) के लिए कंटेंट की निगरानी, चयन और सम्पादन करते थे। उन्होंने हाल में इस प्रोसेस के साथ ही ग्लोबल न्यूज मॉनिटरिंग को ऑटोमेटेड कर दिया था। इससे दो साल पहले Burda Media इस साइट का प्रबंधन कर रही थी।”
इसके अलावा बिंग, जिओपॉलिटिकल न्यूज क्यूरेशन, कमेंट मॉडरेशन जैसे काम भी प्रभावित हुए हैं।
कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने की भी है चर्चा
इस मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने कहा कि HCL Technologies के साथ कॉन्ट्रैक्ट खत्म हो गया है और इसे अब किसी अन्य वेंडर को सौंपे जाने की संभावना है। एक सूत्र ने कहा कि एक्सेंचर (Accenture) भी यह काम कर सकती है, लेकिन मनीकंट्रोल इसकी पुष्टि नहीं कर सकी। इसी तरह दो साल पहले Burda Media ने लगभग 200 लोगों की छंटनी की थी, जब उसका कॉन्ट्रैक्ट खत्म हो गया था।
एचसीएल के एक स्पोक्सपर्सन ने इस संबंध में कहा, “हमारे टेक्नोलॉजी और सर्विसेज वर्टिकल की ग्रोथ शानदार बनी हुई है और हमारे लिए यह सबसे तेजी से बढ़ते सेगमेंट्स में से एक है।” हालांकि, छंटनी के संबंध में उन्होंने कोई टिप्पणी नहीं की।