एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) में एचडीएफसी (HDFC Ltd) का मर्जर होने जा रहा है। दोनों कंपनियों के बोर्ड ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। लेकिन, यह मर्जर टॉप लीडरशिप के लिए बड़ा चैलेंज साबित होगा। एक्सपर्ट्स का कहना है कि मर्जर में रेगुलेटरी एप्रूवल, डिपॉजिट और टेक्नोलॉजी इंटिग्रेशन सबसे बड़े चैलेंज के रूप में सामने आएंगे।
एचडीएफसी बैंक को रेगुलेटरी रिक्वायरमेंट पूरा करने के लिए अपने डिपॉजिट में बड़ी बढ़ोतरी करनी होगी। उसे कैश रिजर्व रेशियो (CRR), स्टेटुचरी लिक्विडिटी रेशियो (SLR) और प्रायरिटी सेक्टर लोन के स्टैंडर्ड को भी पूरा करना होगा।
एचडीएफसी बैंक के चेयरममैन दीपक पारेख ने 4 अप्रैल को कहा था कि एचडीएफसी बैंक ने आरबीआई से थोड़ी रियायत मांगी है। उन्होंने कहा कि हमने आरबीआई से कहा है कि हमें एसएलआर और सीआरआर के स्टैंडर्ड के पालन के लिए थोड़ा समय दिया जाए। इसके अलावा केंद्रीय बैंक से प्रायरिटी सेक्टर लेंडिंग और कुछ कुछ खास एसेट की ग्रैंडफादरिंग और लायबिलिटीज में भी मदद की उम्मीद है।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस बात की उम्मीद कम है कि आरबीआई किसी तरह की रियायत एचडीएफसी बैंक को देगा। खासकर प्रायरिटी सेक्टर लेंडिंग के मामले में रियायत मिलने की बिल्कुल उम्मीद नहीं है। एमके ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज में बीएफएसआई के हेड आनंद डामा ने कहा कि इस मर्जर को लेकर सबसे बड़ी चुनौती डिपॉजिट जुटाने को लेकर है।
उन्होंने यह भी कहा कि पीएएसएल नॉर्म के मामले में भी रियायत मिलने की उम्मीद कम है। इसकी वजह यह है कि दूसरे बैंकों ने भी केंद्रीय बैंक से इस मामले में रियायत मांगी थी। लेकिन, केंद्रीय बैंक ने रियायत नहीं दी।
HDFC के वाइस चेयरमैन और CEO केकी मिस्त्री ने कहा था, 'इस विलय से HDFC Bank ग्लोबल स्टैंडर्ड के हिसाब से भी सबसे बड़ा लेंडर बन जाएगा। इससे HDFC Bank में FII को निवेश बढ़ाने का भी मौका मिलेगा।' हालांकि उन्होंने कहा था कि रेगुलेटर की मंजूरी मिलने के बाद यह विलय लागू होगा।
मिस्त्री ने कहा था, 'HDFC को लिक्विडिटी रेशियो मेंटेन करने की जरूरत होगी। पिछले कुछ साल में नियमों में बदलाव से विलय की चुनौतियां कम हो गई हैं। HDFC Bank पर 100% शेयरहोल्डर्स का अधिकार होगा। वहीं NBFCs को अब बैंकों की तरह सुविधाएं मुहैया करानी चाहिए।'
HDFC और HDFC Bank का विलय फिस्कल ईयर 2024 की दूसरी या तीसरी तिमाही तक पूरा हो सकता है। इस विलय से HDFC Bank अपना हाउसिंग लोन पोर्टफोलियो और कस्टमर बेस बढ़ा सकता है।