देश के जाने -माने बैंकर और दिग्गज प्राइवेट बैंक कोटक महिंद्रा बैंक के चीफ उदय कोटक एक खुश मिजाज़ आदमी है। चौथी तिमाही मे बैंक की एसेट क्वालिटी में अच्छा सुधार हुआ है। कोरोना महामारी के बाद बैंक एक बार फिर हाई लोन ग्रोथ के रास्ते पर है। बैंक क बैलेसशीट काफी मजबूत है। बैंक के पास भारी मात्रा में उपलब्ध सरप्लस लिक्विडिटी इसके लिए इनऑर्गेनिक ग्रोथ के बड़े मौके दे रही है।
5 मई को हुई बातचीत में उदय कोटक ने बैंक के एसेट क्वालिटी, लोन कारोबार , बैंक के संदर्भ में उनके नजरिए और बैंकिंग सेक्टर में उपलब्ध अवसरों पर लंबी बातचीत की। यहां हम आपको इसी बातचीत का संक्षिप्त विवरण दे रहे हैं। इस बातचीत में उदय कोटक ने कहा कि महंगाई का डर एकदम साफ नजर आ रहा है। देश में महंगाई (मुद्रास्फीति) बहुत तेजी से बढ़ रही है। उन्होने आगे कहा कि रिजर्व बैंक द्वारा अचानक रेपो दर में वृद्धि के फैसले से पता चलता है कि सेंट्रल बैंक महंगाई और महंगाई के अनुमानों को बहुत गंभीरता से ले रहा है।
उदय कोटक ने वर्तमान वित्त वर्ष में रेपो दर में एक फीसदी बढ़ोतरी की उम्मीद जताई। उन्होंने ये भी कहा कि मैं RBI को मार्केट ऑवर में दरें बढ़ाने का ऐलान करने की हिम्मत दिखाने के लिए दाद देता हूं।
कोटक महिंद्रा बैंक के प्रबंध निदेशक और सीईओ उदय कोटक ने कहा, ‘‘यह एकदम साफ था कि मुद्रास्फीति बहुत तेजी से बढ़ रही थी। और इसलिए, स्पष्ट रूप से कदम उठाने की जरूरत थी। मैंने इस कदम को (रेपो दर में वृद्धि) आरबीआई की तरफ से दिए गए एक मजबूत संदेश के रूप में देखा कि वे मुद्रास्फीति और मुद्रास्फीति के अनुमानों को बहुत गंभीरता से ले रहे हैं।’’
उदय कोटक ने आगे कहा कि महंगाई के इतना ज्यादा बढ़ने का जोखिम नहीं लिया जा सकता जहां इस पर काबू पाना मुश्किल हो जाए। उन्होंने आगे कहा कि रेपो दरों में बढ़त का असर जमा दरों पर पड़ेगा। इसके साथ ही एमसीएलआर आधारित लोन भी धीरे-धीरे महंगा होगा।
उन्होंने LIC के IPO के बारे में कहा कि इस आईपीओ को पहले दिन खुदरा निवेशकों स मिला रिस्पॉन्स काफी सुखद है। मेरे लिए सबसे सुखद चीजों में से एक एलआईसी के आईपीओ के लेकर खुदरा निवेशकों की प्रतिक्रिया थी जो इश्यू के पहले दिन देखने को मिली। मुझे लगता है कि एलआईसी हर निवेशक के दिमाग में एक बहुत मजबूत ब्रांड है। एलआईसी ब्रांड की ब्रांड पहचान की बात करें तो हमें कई बार देखने को मिलता है कि अगर किसको बीमा पॉलिसी लेनी है तो वे यह नहीं कहता कि हमे आप बीमा दे दो, बल्कि कई लोग कहते हैं कि एलआईसी लेलो या दे दो। इसी ये बात समझ में आती है कि LIC कितना मजबूत है।
उन्होंने आगे कहा कि उम्मीद है कि इस समय देश में ब्याज दरें ऐतिहासिक निम्न स्तर पर हैं। उम्मीद है कि आरबीआई आगे ब्याज दरों में और बढ़ोतरी करेगा। चौथी तिमाही के आरबीआई के अनुमान के मुताबिक महंगाई दर 5.5 फीसदी के आसपास रह सकती है। ऐसे में जीरो रियल इंटरेस्ट रेट पर पहुंचने के लिए वर्तमान वित्त वर्षों में ब्याज दरों में कम से कम 1 फीसदी की बढ़ोतरी की जरुरत होगी।
आरबीआई द्वारा दरों में की गई बढ़ोतरी पर कोटक बैंक की क्या प्रतिक्रिया होगी। इस पर बोलते हुए उदय कोटक ने कहा है कि कोटक बैंक का फिक्स्ड रेट पोर्टफोलियो काफी छोटा है। ऐसे में बैंक अपनी जरुरत के हिसाब से अपनी दरों में बढ़ोतरी का निर्णय ले सकता है। उन्होंने आगे कहा कि 1 साल से ज्यादा की अवधि का हमारा फिक्स्ड रेट बुक करीब 15 फीसदी है। लोन बुक का बकाया हिस्सा या तो 1 साल से कम की अवधि का है। या वह फ्लोटिंग रेट से लिंक्ड है। ऐसे में कोटक बैंक के लोन बुक के बड़े हिस्से में ब्याज दरों में जरुरत के हिसाब से बढ़त की गुंजाइश है।