ITC लिमिटेड (ITC Limited) के बोर्ड ने होटल बिजनेस के डीमर्जर को सैद्धांतिक तौर पर मंजूरी दे दी है। कंपनी ने 24 जुलाई को रेगुलेटरी फाइलिंग में बताया कि प्रस्तावित रीस्ट्रक्चरिंग से ITC का होटल बिजनेस अलग इकाई के तौर पर काम करेगा। कंपनी के मुताबिक, आज के दौर में हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री काफी तेजी से आगे बढ़ रही है और अलग इकाई बनाकर बेहतर तरीके से होटल बिजनेस पर फोकस किया जा सकेगा। BSE में कंपनी के शेयर 24 जुलाई को 3.89 पर्सेंट की गिरावट के साथ 471.35 रुपये पर बंद हुए।
डीमर्जर (होटल बिजनेस को अलग करने) के लिए मंजूर प्लान के मुताबिक, नई इकाई में कंपनी के शेयरहोल्डर्स की सीधे तौर पर 60 पर्सेंट हिस्सेदारी होगी, जबकि 40 पर्सेंट हिस्सेदारी ITC लिमिटेड की होगी।
कंपनी के इस कदम का मकसद हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में और बेहतर परफॉर्मेंस हासिल करना है। इसके तहत, नई इकाई को लंबी अवधि में स्थिरता मुहैया कराने के साथ-साथ अन्य मदद भी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि अच्छी ग्रोथ का लक्ष्य हासिल किया जा सके। ITC के चेयरमैन संजीव पुरी (Sanjiv Puri) ने बताया, 'हॉस्पिटैलिटी पर फोकस करने वाली इकाई के जरिये भारतीय हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री में मौजूद अवसरों का बेहतर तरीके से लाभ उठाया जा सकेगा और ग्रोथ को ज्यादा बढ़ावा मिल सकेगा। प्रस्तावित रीस्ट्रक्चरिंग के तहत, ITC और नई इकाई, दोनों को एक-दूसरे का सहयोग मिलेगा।'
ITC लिमिटेड पिछले हफ्ते 6 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा मार्केट कैपिटल वाली 7वीं लिस्टेड भारतीय कंपनी बन गई थी। कंपनी ने पहली बार 6 लाख करोड़ के मार्केट कैपिटल का आंकड़ा पार किया था। कंपनी के शेयर इस साल 48 पर्सेंट से भी ज्यादा चढ़ चुके हैं। कंपनी ने अपने तमाम बिजनेस सेगमेंट- सिगरेट, एफएमसीजी, पेपर और होटल में बेहतर परफॉर्मेंस हासिल किया है और इस तरह निवेशकों के लिए कंपनी के शेयर आकर्षक विकल्प बन गए हैं।
फॉरेन ब्रोकिंग फर्म जेफरीज (Jefferies) ने पिछले महीने ITC का टारगेट प्राइस 520 रुपये से बढ़ाकर 530 रुपये कर दिया था। ब्रोकरेज फर्म ने कंपनी के शेयरों में मौजूदा लेवल से 19 पर्सेंट की बढ़ोतरी का अनुमान जताया था। यह बढ़ोतरी कंपनी द्वारा होटल बिजनेस को अलग करने की खबर के बाद की गई थी।