भारत को ग्लोबल एक्सपोर्ट का हब बनाएगी Lenovo, सवर्र की लोकल मैन्युफैक्चरिंग की भी तैयारी

पर्सनल कंप्यूटर बनाने वाली कंपनी लेनोवो अब भारत में सर्वर बनाने की तैयारी में है। इसका मकसद कंपनी द्वारा अपने डेटा सेंटर बिजनेस को सहयोग उपलब्ध कराना और IT हार्डवेयर के लिए प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम का फायदा उठाना है। कंपनी भारत को बेहद अहम मार्केट मानती है और इसे अपना मैन्युफैक्चरिंग हब बनाना चाहती है

अपडेटेड Feb 07, 2024 पर 10:18 PM
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नई दिल्ली में आयोजित लेनोवो के सालाना टेक इवेंट के मौके पर कंपनी के कई सीनियर एग्जिक्यूटिव्स मौजूद थे।

पर्सनल कंप्यूटर बनाने वाली कंपनी लेनोवो (Lenovo) अब भारत में सर्वर बनाने की तैयारी में है। इसका मकसद कंपनी द्वारा अपने डेटा सेंटर बिजनेस को सहयोग उपलब्ध कराना और IT हार्डवेयर के लिए प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम का फायदा उठाना है। कंपनी भारत को बेहद अहम मार्केट मानती है और इसे अपना मैन्युफैक्चरिंग हब बनाना चाहती है, ताकि वह यहां से अपने पर्सनल कंप्यूटर और स्मार्टफोन को बाकी बाजारों में एक्सपोर्ट कर सके। कंपनी भारत से सॉल्यूशन आधारित सेवाओं का एक्सपोर्ट भी करना चाहती है, ताकि यहां की स्थानीय IT प्रतिभाओं को मदद मिल सके।

नई दिल्ली में आयोजित लेनोवो के सालाना टेक इवेंट के मौके पर कंपनी के प्रेसिडेंट (इंटरनेशनल मार्केट्स) मैथ्यू जिलिन्स्की ने कहा, 'हमारे पास 9 देशों में 35 मैन्युफैक्चरिंग साइट हैं और भारत उनमें से एक है। हम लगातार यह सुनिश्चित करने में जुटे हैं कि हमारे प्रोडक्ट्स कस्टमर्स के दिल के करीब हों।' भारत में लेनोवो के पास 3 मैन्युफैक्चरिंग साइट हैं, जहां पर्सनल कंप्यूटर और स्मार्टफोन की मैन्युफैक्चरिंग की जाती है। इसके अलावा, कंपनी नई देशों में एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने के लिए अपनी क्षमता में भी बढ़ोतरी कर रही है।

लेनोवो ने 2023 में भारत से दुनिया भर के बाजारों में मोटोरोला ब्रांड के तकरीबन 10 लाख स्मार्टफोन का एक्सपोर्ट किया। इन बाजारों में उत्तरी अमेरिका भी शामिल है। उन्होंने कहा, 'हमारा इरादा भारत की मैन्युफैक्चरिंग साइट्स का इस्तेमाल कर दुनिया भर में अपने प्रोडक्ट्स का एक्सपोर्ट करना है।' लेनोवो में इंफ्रास्ट्रक्चर सॉल्यूशंस ग्रुप के प्रेसिडेंच ब्लादिमीर रोजानोविच का कहना था कि कंपनी का इरादा अपने 10 अरब डॉलर के डेटा सेंटर बिजनेस की ग्रोथ को डबल करना है।


उन्होंने कहा, 'पूरे एशियाई बाजार के हिसाब से देखा जाए, तो मैन्युफैक्चरिंग के मामले में भारत हमारे लिए काफी अहम पार्टनर बन गया है।' रोजानोविच ने बताया कि कंपनीअपने सर्वरों का स्थानीय स्तर पर प्रोडक्शन शुरू करने के लिए मौजूदा सुविधाएं इस्तेमाल करने से लेकर नई मैन्युफैक्चरिंग पार्टनरशिप बनाने तक, तमाम विकल्प खंगालने में जुटी है।

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