LIC यानी लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ने अपने इनवेस्टमेंट से 42,862 करोड़ रुपये मुनाफा कमाया है। उसने फाइनेंशियल ईयर 2021-22 के पहले 9 महीनों में यह प्रॉफिट कमाया है। एलआईसी ने आईपीओ के लिए सेबी को जो रिवाइज्ड ड्राफ्ट पेपर्स भेजे हैं, उससे यह जानकारी मिली है।
एलआईसी ने 31 मार्च, 2021 को खत्म फाइनेंशियल ईयर में 46,187 करोड़ रुपये प्रॉफिट कमाया है। इसमें इनवेस्टमेंट्स की बिक्री से हुए प्रॉफिट की हिस्सेदारी 93 फीसदी रही। इसमें शेयरों की हिस्सेदारी ज्यादा थी। 1 अप्रैल, 2021 से 31 दिसंबर, 2021 के दौरान निफ्टी और सेंसेक्स दोनों में 18 फीसदी तेजी आई। हालांकि, दिसंबर तिमाही में दोनों में 1.5 फीसदी की गिरावट आई।
दिसंबर 2021 में खत्म 9 महीनों में शेयरों में एलआईसी का इनवेस्टमेंट 9.85 लाख करोड़ रुपये रहा। फाइनेंशियल ईयर 2020-21 में यह 7.97 लाख करोड़ रुपये था। दिसंबर 2021 तक एलआईसी का एसेट अंडर कंट्रोल (AUM) 40.1 लाख करोड़ रुपये था। सभी प्राइवेट जीवन बीमा कंपनियों के कुल एयूएम के मुकाबले एलआईसी का एयूएम 3.2 गुना से ज्यादा है।
बुधवार को एलआईसी के आईपीओ का ब्लूप्रिंट आ गया। कंपनी रिटेल इनवेस्टर्स, एंप्लॉयीज और पॉलिसीहोल्डर्स को डिस्काउंट देने जा रही है। सबसे ज्यादा डिस्काउंट वह पॉलिसीहोल्डर्स को देगी। उन्हें प्रति शेयर 60 रुपये डिस्काउंट मिलेगा। रिटेल इनवेस्टर्स को भी प्रति शेयर 45 रुपये का डिस्काउंट मिलेगा। कंपनियां रिटेल इनवेस्टर्स को प्राइस में शायद ही कभी डिस्काउंट देती हैं।
एलआईसी का आईपीओ सिर्फ 21,000 करोड़ रुपये का होगा। पहले सरकार इस आईपीओ से 60000 से 70,000 करोड़ रुपये जुटाना चाहती थी। लेकिन, उसने इश्यू से ठीक पहले अपनी योजना बदल दी। अब वह एलआईसी में अपनी सिर्फ 3.5 फीसदी हिस्सेदारी बेचेगी। पहले उसने 5 फीसदी हिस्सेदारी बेचने की योजना बनाई थी।
सरकार एलआईसी के कुल 22.13 करोड़ शेयर इस आईपीओ के जरिए बेचेगी। इस तरह वह इस इश्यू से करीब 20,557 करोड़ रुपये जुटाएगी। पहले सरकार की योजना इस आईपीओ से करीब 60,000 करोड़ रुपये जुटाने की थी। इनवेस्टर्स को LIC के आईपीओ में एक लॉट यानी कम से कम 15 शेयरों के लिए अप्लाई करना होगा। अगर कोई इनवेस्टर ज्यादा शेयरों के लिए बोली लगाना चाहता है तो वह 15 शेयरों के मल्टीपल में बोली लगा सकता है।
एलआईसी के आईपीओ में 2.21 करोड़ शेयर पॉलिसीहोल्डर्स के लिए रिजर्व होंगे। इससे एलआईसी के करोड़ों पॉलिसीहोल्डर्स के लिए शेयर अलॉट होने की संभावना बढ़ जाएगी।