हाल में भारतपे के को-फाउंडर अशनीर ग्रोवर (Ashneer Grover) ने कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर पद से इस्तीफा दे दिया। दरअसल, ऐसी स्थितियां पैदा हो गई थीं, जिससे ग्रोवर अपनी ही कंपनी से इस्तीफा देने को मजबूर हो गए। दरअसल, भारतपे के बोर्ड ने कंपनी के आंतरिक कामकाज के फोरेंसिक जांच का आदेश दिया था। ग्रोवर और उनकी पत्नी पर कई आरोप थे। ग्रोवर के इस्तीफे से पहले कंपनी के बोर्ड ने उनकी पत्नी माधुरी जैन ग्रोवर को कंपनी से निकाल दिया था।
अशनीर ग्रोवर के अपनी ही कंपनी से बाहर जाने से आप खुश नहीं हैं तो हम आपको बता दें कि ग्रोवर ऐसा इकलौता फाउंडर नहीं हैं। पहले भी कई कंपनियां अपने संस्थापक को कंपनी छोड़ने पर मजबूर कर चुकी हैं। इस लिस्ट में स्टीब जॉब्स (Steve Jobs) सहित कई बड़े नाम शामिल हैं।
स्टीव जॉब्स को पर्सनल कंप्यूटर युग का जनक माना जाता है। उन्होंने स्टीव वोजिनाक से मिलकर 1976 में एपल की शुरुआत की थी। उन्होंने इसे दुनिया की दिग्गज टेक्नोलॉजी कंपनी बना दी। उन्होंने आईपॉड और आईफोन जैसे प्रोडक्ट्स से दुनिया को हैरान किया। लेकिन, 1985 में उन्हें अपनी ही कंपनी से निकाल दिया गया। हालांकि, वह फिर से 1990 के दशक के अंत में एपल में लौट आए।
2. सचिन बंसल और बिन्नी बंसल-फ्लिपकार्ट फाउंडर्स
सचिन बंसल और बिन्नी बंसल ने अक्टूबर 2007 में फ्लिपकार्ट की शुरुआत की थी। दोनों आईआईटी-दिल्ली में पढ़ाई कर चुके थे। फिर दोनों ने ऐमजॉन में काम किया था। जल्द फ्लिपकार्ट इंडिया की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों की लिस्ट में शामिल हो गई। 2018 में फ्लिपकार्ट को खरीदने के लिए वॉलमार्ट से चल रही बातचीत के दौरान सचिन बंसल का बोर्ज से मतभेद हो गया। वह कंपनी में अपनी पूरी हिस्सेदारी बेचकर उससे बाहर निकल गए। बाद में बिन्नी बंसल ने भी कंपनी से इस्तीफा दे दिया।
स्टैनफोर्ड में पढ़ाई कर चुके जेरी यांग ने वेस सर्विसेज प्रोवाइडर और सर्च इंजन याहू की शुरुआत की थी। लेकिन, उन्हें अपनी ही कंपनी छोड़ने को मजबूर होना पड़ा। अभी वह वेंचर फंड एएमई क्लाउट वेंचर्स के फाउंडिंग पार्टनर हैं।
4. एंड्र्यू मेसन- ग्रुपॉन
अमेरिकी कारोबारी एंड्र्यू मेसन ने ग्रुपॉन की स्थापना की थी। शिकागो की यह कंपनी यूजर्स को लोकल बिजनेसेज में डिस्काउंट और स्कॉलरशिप देती है। 2013 में उन्हें कंपनी से बाहर कर दिया गया। उनके नेतृत्व में कंपनी के शेयरों में गिरावट आई और बिजनेस को लेकर कई तरह की समस्याएं सामने आईं।
ट्रेविस कालानिक को उबर शुरू करने के 8 साल बाद यानी 2017 में कंपनी के बाहर जाने को मजबूर कर दिया गया। अभी 43 साल के कालानिक सिटी स्टोरेज सिस्टम्स के चीफ एग्जिक्यूटिव हैं। उबर का मॉडल बहुत सक्सेसफुल है। इस मॉडल पर कई देशों में कई कंपनियां ऑपरेट कर रही हैं।
जैक पैट्रिक डोर्सी अमेरिकी टेक्नोलॉजी उद्यमी हैं। वह ट्विटर के को-फाउंडर हैं। वह ट्विटर के सीईओ भी रह चुके हैं। उन्होंने 2006 में ट्विटर की शुरुआत की थी। 2008 में उन्हें ट्विटर से निकाल दिया गया। वह ब्लॉक इंक के भी सीईओ और फाउंडर रह चुके हैं। यह फाइनेंशियल पेमेंट कंपनी है।
7. माइक लैजारिडिस-ब्लैकबेरी
माइक लैजारिडिस ने 1984 में ब्लैकबेरी की शुरुआत की थी। 2000 के दशक तक इस कंपनी के मोबाइल फोन कंपनियो के टॉप एग्जिक्यूटिव्स के बीच बहुत पॉपुलर हो गए थे। लेकिन, धीरे-धीरे कंपनी की स्थिति बिगड़ने लगी। लैजारिडिस को 2012 में अपनी ही कंपनी छोड़ने को मजबूर होना पड़ा।