रिलायंस इंडस्ट्रीज की बैटरी मैन्युफैक्चरिंग योजना में नहीं हुआ कोई बदलाव, तय समय से आगे बढ़ रहा प्रोजेक्ट

अपडेटेड Jan 12, 2026 पर 2:38 PM
Story continues below Advertisement
रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) ने कहा कि उसकी बैटरी मैन्युफैक्चरिंग योजनाएं तय समयसीमा के अनुसार आगे बढ़ रही हैं

देश की सबसे बड़ी निजी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) ने सोमवार को साफ किया कि उसकी बैटरी स्टोरेज मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी योजनाएं पूरी तरह ट्रैक पर हैं और इनमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। यह बयान ब्लूमबर्ग की उस रिपोर्ट के बाद आया है, जिसमें कहा गया था कि कंपनी ने भारत में लिथियम-आयन बैटरी सेल बनाने की योजना को अस्थायी रूप से रोक दिया है।

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स को कंपनी के एक प्रवक्ता ने बताया, “रिलायंस इंडस्ट्रीज साफ तौर पर यह पुष्टि करती है कि सेल से लेकर कंटेनराइज्ड एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (ESS) तक, विश्वस्तरीय बैटरी स्टोरेज मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम बनाने की हमारी योजनाओं में कोई बदलाव नहीं हुआ है। ये योजनाएं तय समयसीमा के अनुसार अच्छी तरह आगे बढ़ रही हैं।”

इससे पहले ब्लूमबर्ग ने रविवार को अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया था कि रिलायंस इंडस्ट्रीज ग्रुप भारत में लिथियम-आयन बैटरी सेल का निर्माण शुरू करने की तैयारी कर रहा था, लेकिन चाइनीज तकनीक हासिल न हो पाने के कारण इस योजना में ठहराव आ गया। ब्लूमबर्ग ने यह जानकारी सूत्रों के हवाले से दी थी, जिन्होंने अपनी पहचान उजागर नहीं की थी।


रिपोर्ट के मुताबिक, रिलायंस की चीन की एक कंपनी Xiamen Hithium Energy Storage Technology के साथ बैटरी सेल टेक्नोलॉजी लाइसेंस करने को लेकर बातचीत चल रही थी। हालांकि, यह बातचीत उस समय अटक गई, जब चीन ने कुछ अहम सेक्टर्स में विदेशों को टेक्नोलॉजी ट्रांसफर पर पाबंदियां लगा दीं। इसके बाद Xiamen ने इस प्रस्तावित साझेदारी से खुद को अलग कर लिया।

रिपोर्ट के मुताबिक, इसके चलते रिलायंस ने अब अपना फोकस बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (ESS) को असेंबल करने पर ज्यादा कर दिया है। हालांकि, अब रिलायंस इंडस्ट्रीज ने इस रिपोर्ट को खारिज किया है।

पिछले साल अक्टूबर में चीन ने लिथियम बैटरी के पुर्जों के निर्यात पर सख्ती करने का ऐलान किया था। इसके तहत अब कंपनियों को ऐसे पुर्जे विदेश भेजने के लिए सरकार से पहले एक स्पेशल परमिट लेना जरूरी हो गया है। इस फैसले से एनर्जी स्टोरेज और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) से जुड़ी अहम टेक्नोलॉजी पर चीन की पकड़ और मजबूत हो गई है, क्योंकि लिथियम बैटरी के ये कंपोनेंट्स इन सेक्टर्स के लिए बेहद जरूरी माने जाते हैं।

यह भी पढ़ें- Share Market Rise: सेंसेक्स में 900 अंकों की तूफानी रिकवरी! इन 2 बड़ी खबरों ने पलटा शेयर बाजार का रुख

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।

डिस्क्लेमरः Moneycontrol पर एक्सपर्ट्स/ब्रोकरेज फर्म्स की ओर से दिए जाने वाले विचार और निवेश सलाह उनके अपने होते हैं, न कि वेबसाइट और उसके मैनेजमेंट के। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। Moneycontrol यूजर्स को सलाह देता है कि वह कोई भी निवेश निर्णय लेने के पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।