SMFG India Credit: SMFG इंडिया क्रेडिट जल्द ही अपर-लेयर नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी (NBFC) बन सकती है। इस कंपनी ने वित्त वर्ष 2025 के लिए 60,000 करोड़ के AMU (एसेट्स अंडर मैनेजमेंट) का टारगेट तय किया है। लिहाजा, कंपनी के मैनेजमेंट को इस साल सितंबर या अक्टूबर तक 50,000 करोड़ रुपये के AMU का आंकड़ा छू लेने की उम्मीद है। अगर ऐसा होता है, तो रिजर्व बैंक (Reserve Bank) के नियमों के मुताबिक SMFG इंडिया क्रेडिट को अपर-लेयर NBFC की कैटेगरी में शामिल किया जा सकता है।
यह अनुमान जताया जा रहा है कि सितंबर के आखिर तक बैंकिंग रेगुलेटर नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों की लेयर आधारित कैटेगरी की समीक्षा करेगा और इसके बाद कुछ इकाइयों की पोजिशन में उस हिसाब से बदलाव भी होगा। SMFG इंडिया क्रेडिट के एमडी और सीईओ शांतनु मित्रा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि अगर कंपनी सितंबर तक 50,000 करोड़ के AUM का टारगेट पार करती है, तो इसे अपर लेयर NBFC की कैटेगरी में शामिल किया जा सकता है।
जून 2024 तिमाही में कंसॉलिडेट लेवल पर इस नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी का एसेट्स अंडर मैनेजमेंट 46,500 करोड़ रुपये था। कैटेगरी में संभावित बदलाव के बारे में मित्रा ने दोहराया कि इस प्रोसेस का लिक्विडिटी, ऑपरेशंस आदि जैसा प्रभाव नहीं देखने को मिलता है। उन्होंने कहा, 'हमने अभी भी कंपनी के लिए दो महीने का लिक्विडिटी कवरेज बरकरार रखा है।'
कैटेगरी में बदलाव के बाद लिस्टिंग की संभावनाओं के बारे में पूछे जाने पर मित्रा का कहना था कि कंपनी अब तक लिस्टिंग के लिए कोई तैयार नहीं कर रही है। नियमों के मुताबिक, अपर लेयर NBFC का दर्जा हासिल करने के बाद किसी कंपनी को 3 साल के भीतर लिस्टेड होने की जरूरत होती है।