वित्त वर्ष 2017 की दूसरी तिमाही में वेदांता का मुनाफा 11.9 फीसदी बढ़कर 1252 करोड़ रुपये हो गया है। वित्त वर्ष 2016 की दूसरी तिमाही में वेदांता का मुनाफा 1119 करोड़ रुपये रहा था।
वित्त वर्ष 2017 की दूसरी तिमाही में वेदांता का मुनाफा 11.9 फीसदी बढ़कर 1252 करोड़ रुपये हो गया है। वित्त वर्ष 2016 की दूसरी तिमाही में वेदांता का मुनाफा 1119 करोड़ रुपये रहा था।
हालांकि वित्त वर्ष 2017 की दूसरी तिमाही में वेदांता की आय 4.3 फीसदी घटकर 16777 करोड़ रुपये रही है। वित्त वर्ष 2016 की दूसरी तिमाही में वेदांता की आय 17529 करोड़ रुपये रही थी।
साल दर साल आधार पर दूसरी तिमाही में वेदांता का एबिटडा 4302 करोड़ रुपये से बढ़कर 4667 करोड़ रुपये रहा है। सालाना आधार पर दूसरी तिमाही में वेदांता का एबिटडा मार्जिन 24.5 फीसदी से बढ़कर 27.8 फीसदी रहा है।
सालाना आधार पर दूसरी तिमाही में वेदांता के अंतरराष्ट्रीय जिंक कारोबार की आय 680 करोड़ रुपये से मामूली बढ़कर 684.3 करोड़ रुपये रही है। सालाना आधार पर दूसरी तिमाही में वेदांता के अंतरराष्ट्रीय जिंक कारोबार का एबिट 83.3 करोड़ रुपये से बढ़कर 307.7 करोड़ रुपये रहा है।
सालाना आधार पर दूसरी तिमाही में वेदांता के एल्युमीनियम कारोबार का एबिट 12.8 करोड़ रुपये से बढ़कर 171.7 करोड़ रुपये रहा है। सालाना आधार पर दूसरी तिमाही में वेदांता के पावर कारोबार का एबिट 165.3 करोड़ रुपये से बढ़कर 227.4 करोड़ रुपये रहा है।
वेदांता का कहना है कि कुल कर्ज में 2259 करोड़ रुपये की कमी आई है। साल 2017 की पहली तिमाही में केर्न इंडिया-वेदांता का मर्जर पूरा होने की उम्मीद है। बोर्ड ने 300 करोड़ रुपये के एनसीडी इश्यू को मंजूरी दी है।
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